गोंडा। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. रामचंद्र ने योजनाओं में अपेक्षित प्रगति न होने पर लापरवाही मानते हुए 27 स्कूलों के प्रधानाचार्यों को नोटिस जारी किया है। वहीं, राजकीय व सहायता प्राप्त विद्यालयों के प्रधानाचार्यों व लिपिकों का वेतन रोक दिया है। इसके साथ ही निजी स्कूलों के प्रधानाचार्यों को चेतावनी दी है।
समीक्षा में पाया गया कि यू डायस प्रोग्रेशन रिपोर्ट, स्टूडेंट व विद्यालय प्रोफाइल, इंस्पायर मानक अवार्ड, वीरगाथा, एक पेड़ मां के नाम, सेवा पखवाड़ा, स्वच्छ एवं हरित रेटिंग में विद्यालय का पंजीयन और छात्रवृत्ति आदि में लापरवाही हुई है। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि मंगलवार को प्रधानाचार्यों के साथ बैठक की गई थी। इसमें कुछ विद्यालय के प्रधानाचार्यों ने प्रतिभाग किया। मगर अधिकतर विद्यालयों के प्रधानाचार्य बैठक में शामिल ही नहीं हुए। आरोप है कि प्रधानाचार्य सरकारी कार्यों में रुचि नहीं ले रहे हैं। इस पर कार्रवाई की गई है।