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लापरवाही : अनफिट 19 ट्रकों से की जा रही सरकारी अनाज की ढुलाई

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गोंडा में अनफिट ट्रकों से गोदाम को जाता सरकारी खाद्यान्न। (संवाद) - फोटो : GONDA
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गोंडा। बाराबंकी के साथ ही जनपद में हुए बस हादसे के बाद भी संभागीय परिवहन विभाग सबक नहीं ले रहा है। बाराबंकी हादसे को गोंडा में फिर दोहराने का इंतजार हो रहा है। यहां खाद्य एवं रसद विभाग में सरकारी अनाज की ढुलाई के लिए 59 ट्रकों को लगाया गया। इनमें से 19 ट्रकें अनफिट हैं। मगर इसके बावजूद अनफिट ट्रकों से सरकारी राशन की ढुलाई कराई जा रही है। इससे हादसे का खतरा बढ़ गया है। सरकार ने कोविड-19 के कारण वाहनों के फिटनेस की माह सितंबर तक रियायत बरती है। इसके चलते विभाग अनफिट वाहनों के संचालन पर रोक नहीं लगा रहा है।
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सड़क हादसों में जाया हो रही लोगों की जिंदगी की सुरक्षा को लेकर सरकार ने सख्ती कर रखी है। ओवरलोडिंग के साथ मानकों को पूरा न करने वाले वाहनों के संचालन पर पूरी तरह से रोक लगाई गई है। मगर इसके बावजूद सड़क सुरक्षा के नियमों को दरकिनार करके वाहनों का संचालन किया जा रहा है। इसका नतीजा रहा कि बाराबंकी जनपद में 28 जुलाई को थाना रामसनेही घाट के कल्याणी नदी पुल पर हरियाणा से बिहार मजदूरों को ले जा रही डबल डेकर बस में ट्रक की टक्कर से 19 मजदूरों की मौत हो गई थी, इस हादसे में 25 मजदूर घायल हो गए थे।
इसके बाद बाद ही 09 अगस्त को जनपद के नवाबगंज थाना क्षेत्र के गोरखपुर-लखनऊ हाईवे पर महेशपुर गांव के पास सड़क किनारे खड़ी ट्रक में पीछे से बस की टक्कर से दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 11 लोग घायल हो गए थे। इन दोनों हादसों के बाद भी संभागीय परिवहन विभाग सबक नहीं ले रहा है। यहां खाद्य एवं रसद विभाग में पांच फर्मोँ को मुख्यालय के एफसीआई गोदाम से ब्लॉक स्तरीय गोदामों को अनाज की ढुलाई का काम मिला है। इसके लिए 59 ट्रकें लगाई गई है। इनमें से 19 ट्रक बिना फिटनेस के राशन की ढुलाई कर रहे हैं। अनाज की ढुलाई करने वाले अनफिट ट्रकों के संचालन पर रोक नहीं लगा पा रही है। इससे हादसे का खतरा बढ़ गया है। विभाग बाराबंकी व नवाबगंज हादसे को दोहराने के इंतजार में है।
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फैक्ट फाइल
ये नहीं फिट तो गाड़ी मानी जाएगी अनफिट
-रेक्टो रिफ्लेक्टिव टेप
-स्पीड गर्वनर
-साइड नंबर
-इंडीकेटर
-हेड लाइट
-ब्रेक लाइट
-बैक लाइट
कॉमर्शियल/निजी वाहनों के फिटनेस का मानक अलग
कार्माशियल एवं निजी वाहनों समेत स्कूल वाहनों के फिटनेस का अलग-अलग मानक है। कॉमर्शियल वाहन हो चाहे निजी या स्कूली सभी के फिटनेस के अलगअ-अलग मानक हैं। सभी वाहनों के फिटनेस की शुरुआत में पहले यह संभागीय निरीक्षक प्राविधिक यह देखते हैं कि वाहन फिजिकली फिट है या नहीं। इसके बाद साइड नंबर, लाइटों के साथ अन्य का परीक्षण करते हैं। यात्री व स्कूली वाहनों में इन मानकों के साथ ही फायर एंगटिग्यूसर यात्री सीट, आपात कालीन गेट आदि का भी परीक्षण होता है।
गोरखपुर-लखनऊ हाईवे पर महेेेशपुर के पास भी हो चुका हादसा
गोंडा के नवाबगंज थाना क्षेत्र के महेशपुर गांव के पास गोरखपुर-लखनऊ हाईवे पर भी 08 अगस्त की सुबह सड़क किनारे खड़े ट्रक में दिल्ली से बिहार जा रही डबल डेकर बस ने पीछे से टक्कर मार दी थी। जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे में 11 लोग घायल हुए थे।
खाद्यान्न ढुलाई के लिए टेंडर निकाले गए थे। टेंडर के बाद मानकों को पूूरा करने वाली फर्मों को ही ढुलाई का काम सौंपा गया है। ढुलाई करने वाली ट्रकों के संचालन में अगर कोई तकनीकी खामियां है तो उसकी जांच करना संभागीय परिवहन विभाग का काम है। -दिनेश शर्मा, आरएफसी
खाद्यान्न मुख्यालय के गोदाम से ट्रकों पर लोड होने के बाद जनपद के सभी ब्लॉक स्तरीय गोदामों पर भेजवाने की मेरी जिम्मेदारी है। मगर ढुलाई के लिए जो भी फर्में ट्रकों को लगाती हैं। उसका बाकायदा टेंडर निकाला जाता है। टेंडर पास करने व फर्मों को ढुुलाई की अनुमति देने का अधिकारी आरएफसी का है। -प्रज्ञा मिश्रा, डिप्टी आरएमओ
अनफिट वाहनों के संचालन पर पूरी तरह से रोक है। जिससे हादसों को रोका जा सके। इसलिए एआरटीओ सड़कों पर अभियान चलाकर वाहनों की चेकिंग करते हैं। चेकिंग में पकड़े जाने पर जुर्माना भी किया जाता है। सरकार ने कोविड-19 के कारण माह सितंबर तक फिटनेस भी छूट दे दी है। इसलिए जिन वाहनों के फिटनेस समाप्त हो गए हैं। ऐसे वाहनों का संचालन कराना नियम विरुद्घ है। इसके लिए चेकिंग अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। -उमाशंकर यादव, आरटीओ प्रशासन
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