नम्रता नारायण। स्रोत: सोशल मीडिया
गोंडा। जिले की बहू ने राजधानी दिल्ली में महिला सशक्तीकरण की प्रेरक कहानी लिख दी है। कटरा बाजार के गौरवा जानीपुर गांव की रहने वाली नम्रता नारायण ने अपने प्रयासों से दिल्ली और एनसीआर के विभिन्न स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 400 से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण और व्यवसायिक मंच उपलब्ध कराकर जीवन सुखमय बना दिया है।
रमा फाउंडेशन एवं मैत्री के माध्यम से महिलाओं को साझा मंच से जोड़ते हुए नम्रता नारायण ने आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया। इस तरह के सराहनीय कार्यों के लिए दिल्ली सरकार के कला, संस्कृति एवं भाषा विभाग की ओर से इंडिया इंटरनेशनल सेंटर नई दिल्ली में आयोजित समारोह में महिलाओं को कला-उद्यमी अवार्ड से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में 108 महिला कलाकारों और लघु उद्यमियों को मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्र रहे। उन्होंने कहा कि दिल्ली की बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने और पहचान दिलाने के उद्देश्य से इस तरह के आयोजनों की आवश्यकता है। नम्रता नारायण के पति डॉ. सौरभ मिश्र ने कहा कि सही मंच, मार्गदर्शन और संकल्प से महिलाएं समाज व अर्थव्यवस्था को सशक्त बना सकती हैं।