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गैर इरादतन हत्या के मामले में छह आरोपियों को उम्रकैद की सजा

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गोंडा। 21 साल पुराने एक गैर इरादतन हत्या और जानलेवा हमले के प्रकरण में छह आरोपियों को विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट ने आजीवन कारावास और 20-20 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अमित पाठक के अनुसार, साल 2001 में थाना तरबगंज क्षेत्र के मनहना पूरे मनियाए ग्राम निवासी सूर्य प्रकाश सिंह पुत्र हरिनाम सिंह ने थाने पर प्राथमिकी दर्ज कराई कि वह अपने परिवार के साथ सुबह 8.30 बजे चाय पी रहा था। तभी गांव के ही बाबूलाल शर्मा पुत्र राम धीरज शर्मा बंदूक लिए व राघवराम शर्मा, बसंतराम शर्मा पुत्र बाबूलाल शर्मा, नंद कुमार शर्मा पुत्र शम्भू शर्मा, गंगाराम शर्मा पुत्र आत्माराम शर्मा, राम दीन व राम उदित पुत्र चैतू, बेचन पुत्र राम उदित, पप्पू सिंह पुत्र भजरात व राम गोपाल पुत्र प्रताप नरायन सिंह लाठी, भाला, अद्धी व कट्टा लेकर घर पर चढ़ आए। दरवाजा तोड़कर अंदर घुसकर लूटमार करने लगे।
बसंतराम ने मेरे दादा अंबर सिंह के पेट में भाला मार दिया। बाबूलाल अपनी बंदूक व रामदीन पासी कट्टे से फायर करने लगे। पप्पू सिंह ने राहुल सिंह को भाले से मार दिया। हमले में घर की महिलाओं समेत कई लोगों को चोटें आईं। गंभीर रुप से घायल अंबर सिंह की मौत हो गई। मुकदमे की विवेचना कर पुलिस ने अभियुक्त बाबूलाल शर्मा, राघवराम शर्मा, बसंतराम शर्मा, नन्द कुमार शर्मा, गंगाराम शर्मा, राम दीन व राम उदित व बेचन के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया। पुलिस ने पप्पू सिंह व राम गोपाल के विरुद्ध साक्ष्य न मिलने पर उन्हें आरोप पत्र में नामित नहीं किया।
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न्यायालय में गवाहों के साक्ष्य के आधार पर आरोपी पप्पू सिंह को न्यायालय ने तलब किया। इस बीच बाबूलाल और राम उदित की मौत हो गई। मुकदमे के विचारण के दौरान न्यायालय ने अभियुक्त राघवराम शर्मा, नंद कुमार शर्मा, गंगाराम शर्मा, रामदीन, बेचन व पप्पू सिंह के विरुद्ध मारपीट, गैर इरादतन हत्या व जानलेवा हमले का पुख्ता सबूत मिलने पर दोष सिद्ध किया। निर्णय देते हुए अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट मो. नेयाज अहमद अंसारी ने अभियुक्त राघव राम, नंद कुमार, गंगाराम, रामदीन, बेचन व पप्पू सिंह को गैरइरादतन हत्या के अपराध में आजीवन कारावास और बीस-बीस हजार के अर्थदंड और जानलेवा हमले के अपराध में दस साल के कारावास व दस-दस हजार के अर्थदंड से दंडित किया है।
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