गोंडा। गांव की सरकार चुनने को होने वाले पंचायत चुनाव में आरक्षण का पैमाना बदलने से तैयारियों में जुटे संभावितों की मुसीबत कई गुना बढ़ गयी है। प्रशासन की तरफ से जारी सीटों की अनंतिम आरक्षण सूची के बाद चुनावी जंग जीतने को लाखों खर्च करने वालों की उम्मीद पर हाईकोर्ट का आदेश वज्रपात सा बना।
प्रस्तावित आरक्षण सूची के बाद जिले की अधिकांश ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायत व जिला पंचायत वार्ड सीटों पर संभावित दावेदारों ने प्रचार प्रसार संग हार जीत के समीकरण तय करने को पैसा पानी की तरह बहाया।
दीपावली बाद से शुरू हुए चुनाव प्रचार ने सीटों की अनंतिम आरक्षण सूची जारी होने के बाद से रफ्तार पकड़ी। संभावितों ने लाखों खर्च कर होर्डिंग, बधाई संदेश, पोस्टर बैनर, प्रचार के वाहनों के साथ ही जीत सुनिश्चित करने की सेटिंग में खुल कर खर्च शुरू कर दिया था।
लेकिन नए सिरे से आरक्षण के फरमान ने सभी की उम्मीदों पर एक झटके में पानी फेर दिया। इससे चुनावी तैयारियों में जुटे संभावित प्रत्याशियों के प्रचार की रफ्तार पर भी ब्रेक लग गया।
कई संभावित के छप कर आए चुनावी पोस्टर बंडल में बंधे रह गए कई अन्य ने प्रिंटिंग प्रेस से ही पोस्टर नहीं उठाए। जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत व ग्राम पंचायतों में प्रधानी चुनाव में हाथ अजमाने को बीस हजार से अधिक संभावित तैयारी में जुटे थे।
जानकारों की माने तो अकेले जिले की 1214 ग्राम पंचायतों में ही प्रधान पद के दावेदार ने तीन माह में प्रचार प्रसार पर 50 हजार से एक लाख तक खर्च कर डाले। प्रधानी के इतर क्षेत्र व जिला पंचायत वार्ड बड़ा होने के कारण चुनावी दावेदारों के होर्डिंग व पोस्टर जगह-जगह लगे देखे जा सकते हैं।
जिला पंचायत के वार्ड क्षेत्र से जुड़ी 50 हजार की आबादी तक पहुंच बनाने के लिए संभावित दावेदार बीते एक माह से अपने समर्थकों के साथ तीन से चार वाहन लेकर दौड़ लगाने में जुटे थे। अब सीट आरक्षण के बदल समीकरण ने सभी के प्रचार पर फिलहाल विराम लगा दिया है।
वर्ष 1995 से 2015 तक 1054 पंचायतें ही थीं। लेकिन इस साल 160 नई पंचायतों के बढ़ने से 1214 पंचायतें हो गईं। इसी तरह जिला पंचायत के 51 वार्ड थे जो पुनर्गठन के बाद 65 और क्षेत्र पंचायत के 1240 वार्डों की जगह 1612 वार्ड जबकि ग्राम पंचायतों में पंच सदस्यों के पदों की संख्या भी 13136 से बढ़ कर 15410 हो गयी है। ऐसे में 2015 में चुनाव मैदान में मौजूद 33 हजार प्रत्याशियों के मुकाबले इस बार प्रत्याशियों की संख्या का आंकड़ा 40 हजार के पार होने की उम्मीद है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मतदाता सूची को अंतिम रूप दिया जा चुका है। आपत्तियों के निस्तारण के बाद 16 हजार नए मतदाता बढ़ गए हैं। अभी तक 1214 पंचायतों में अभी तक 26 लाख 53 हजार 357 मतदाता थे और नए 16 हजार मतदाताओं के बढ़ गए हैं। संशोधित सूची में अब मतदाताओं की संख्या 2669315 तक पहुंच गयी है।