उमरी बेगमगंज थाना क्षेत्र के उमरी नौशहरा गांव में मंगलवार देर रात लूट के इरादे से एक घर में घुसे लुटेरों को पिता-पुत्र की दिलेरी से मुंह की खाना पड़ी। लुटेरों को घर में घुसा देखकर बाप-बेटे ने न सिर्फ शोर मचाया, बल्कि साहस दिखाते हुए दोनों लोग लुटेरों से भिड़ गए।
इस अप्रत्याशित हमले से लुटेरों को मौके से जान बचाकर भागना पड़ा। हालांकि इस दौरान लुटेरों ने गृहस्वामी व उसके बेटे को धारदार हथियार से मार कर घायल कर दिया। लुटेरों के चंगुल से पति व बेटे को बचाने दौड़ी एक महिला भी घायल हो गई। गंभीर रूप से घायल बाप-बेटे को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
उमरीबेगमगंज थाना क्षेत्र के उमरी नौशहरा गांव के रहने वाले श्रीराम यादव ने बताया कि बीती रात करीब तीन बजे उसके घर में करीब 6-7 की संख्या में लुटेरे घुस आए। सभी लाठी-डंडों व धारदार हथियारों से लैस थे। लुटेरे घर में रखा संदूक उठा कर ले जा रहे थे कि खटपट की आवाज सुनकर उनकी आंख खुल गई।
इसके बाद श्रीराम ने लुटेरों को ललकारा और शोर मचाया। पिता की आवाज सुनकर बेटा जगदंबा प्रसाद भी जाग गया। दोनों दिलेरी दिखाते हुए निहत्थे ही लुटेरों से भिड़ गए। बाप-बेटे के इस अप्रत्याशित हमले से लुटेरे बौखला गए और अपनी जान बचाने के लिए श्रीराम व जगदंबा पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे वे घायल हो गए।
पति व बेटे को बचाने दौड़ी श्रीराम की पत्नी शांती को भी लुटेरों ने पीटा। उधर, शोर सुनकर सुनकर ग्रामीण भी मौके पर जुट गए और भाग रहे लुटेरों का पीछा किया। इससे लुटेरों को संदूक छोड़कर भागना पड़ा। सुबह श्रीराम का संदूक गांव के बाहर पड़ा मिला।
बदमाशों के हमले में घायल शांती देवी का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कराया गया है, जबकि गंभीर रूप से घायल श्रीराम व जगदंबा प्रसाद को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। इस मामले में श्रीराम ने सात अज्ञात लुटेरों के खिलाफ उमरीबेगमगंज थाने में तहरीर दी है। थानाध्यक्ष दुर्गेश कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर मिली है। रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।