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तपिश से टूट रही कोल्ड चेन, बेकार हो रहीं दवाएं

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फोटो-9 गोंडा के महिला अस्पताल में दवाओं का निरीक्षण करती औषधि निरीक्षक रजिया बानों। -संवाद - फोटो : GONDA
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गोंडा। गर्मी व तपिश से निबटने के पर्याप्त उपाय न होने से जिला महिला अस्पताल के औषधि भंडार में रखी जरूरी दवाओं की कोल्ड चेन टूटने लगी है। इसके चलते ही आधा दर्जन से अधिक दवाएं व इंजेक्शन खराब होने के कगार पर पहुंच गए हैं। भंडार कक्ष का तापमान अधिक होने के कारण यह दवाएं न सिर्फ प्रभावहीन साबित हो रही हैं वरन इनके प्रयोग से मरीजों को नुकसान भी हो रहा है। ऐसी ही एंटीबायोटिक दवा के प्रयोग से प्रसूताओं के टांके तक पक रहे हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए औषधि निरीक्षक ने खराब हो रही दवाओं में से तीन का नमूना सैंपल जांच के लिए लैब भेजा है।
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मरीजों को स्टोर से दी जा रही दवाओं का असर न होने व प्रसूताओं के टांके पकने की शिकायत के बाद गुरुवार को औषधि निरीक्षक रजिया बानो ने जिला महिला अस्पताल स्थित औषधि भंडार का निरीक्षण कर जांच पड़ताल की। निरीक्षण के दौरान भंडार कक्ष में लगा एसी न चलने से तापमान करीब 30 डिग्री सेंटीग्रेट से अधिक मिला। कोल्ड चेन बनाए रखते हुए रखी जाने वाली एमोक्सिलिन, पोटेशियम क्लैवुलनेट, रैनिटिडिन इंजेक्शन व पैंटाप्राजॉल इंजेेक्शन सहित आधा दर्जन से अधिक इंजेक्शन व एंटीबॉयोटिक उच्च तापमान में रखे जाने से इनमें से कई दवाओं का रंग भी बदला मिला। औषधि निरीक्षक ने तीन दवाओं के सैंपल लैब जांच के लिए भी भेजे हैं। निरीक्षण के दौरान मौजूद चीफ फार्मासिस्ट सालिक राम त्रिपाठी को सभी दवाएं व इंजेक्शन कोल्ड चेन बनाए रखते हुए इनके लिए जरूरी तापमान में रखे जाने को निर्देशित किया गया।
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