गोंडा। गौरा विधानसभा क्षेत्र के छपिया ब्लाक में गरीब बेटियों के विवाह के लिए चलाई जा रही सामूहिक विवाह योजना को प्रदेश सरकार के समाज कल्याण मंत्री की मौजूदगी में तमाशा बना दिया गया।
जिम्मेदार अफसरों ने मंत्री की नजर में वाहवाही बटोरने के लिए सामूहिक विवाह के लिए बुलाए गए लाभार्थियों के चयन में फर्जीवाड़ा किया और कई ऐसे दंपतियों को इस समारोह में शामिल करा विवाह करा दिया गया, जिनका विवाह पहले ही हो चुका था।
समारोह के दौरान कई दंपतियों ने इस बात को स्वीकार किया कि उनका विवाह पहले ही हो चुका है। समाज कल्याण मंत्री की खूब किरकिरी हो रही है। कई दंपतियों ने आरोप लगाया है कि उन्हें समारोह में तो बुला लिया गया, लेकिन योजना के तहत मिलने वाले लाभ से उन्हें वंचित कर दिया गया। अब इस पूरे फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद सामूहिक विवाह योजना की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
इस सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन गौरा विधानसभा क्षेत्र के छपिया में नवरात्रि के अष्टमी के दिन आयोजित किया गया था। क्षेत्रीय विधायक प्रभात वर्मा के साथ प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री खुद इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप मे मौजूद थे। अफसरों की मानें तो इस कार्यक्रम में कुल 151 गरीब परिवारों के बेटियों के हाथ पीले कराए गए, लेकिन कार्यक्रम में शामिल लाभार्थी दंपतियों ने ही अफसरों के जाने के बाद हवा निकाल दी।
विभागीय मंत्री की मौजूदगी में ही अफसरों ने इस योजना का जमकर मखौल उड़ाया। अवधेश कुमार, श्रवण कुमार व कन्हैया समेत कई लाभार्थियों ने बताया कि उनका विवाह पहले ही हो चुका है। आज दोबारा उनकी शादी कराई जा रही है।
विवाह समारोह में बुलाए गए कई लाभार्थियों के परिजनों ने समाज कल्याण विभाग के अफसरों पर योजना के तहत मिलने वाले लाभ से वंचित करने का आरोप भी आरोप लगाया है। अफसरों की इस लापरवाही ने मुख्यमंत्री की इस महत्वाकांक्षी योजना पर सवाल खड़ा कर दिया है।
यह भी आरोप है कि वैवाहिक जोड़े को देने के लिए जो सामग्री खरीद की गई उसमें खूब जमकर खेल हुुआ है। सामग्री कई लाख की खरीदी गई जिसके लिए कोई टेंडर तक नहीं निकाला गया और खूब जमकर लूट खसोट हुआ है। समाज कल्याण मंत्री ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। डीएम ने भी इसे गंभीर मानते हुए जांच के आदेश दिए हैं।