गोंडा। कोरोना से बचाव के लिए आखिरकार प्रशासन को सख्त कदम उठाना पड़ा। पूरे देश के साथ गोंडा लॉकडाउन कर दिया गया। देर रात से बाहर से किसी को प्रवेश नहीं दिया गया, हजारों लोगों को रोक दिया गया। सिर्फ उन्हीं लोगों को छूट दी गई है जो दवा कराने जा रहे हैं या फिर आ रहे हैं। इसके अलावा दुकानों को भी बदं करा दिया गया है। व्यापारियों को लोगों को जरूरत की सामग्री उपलब्ध कराने को कहा गया है। लॉकडाउन का असर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक रही। प्रधानमंत्री की अपील पर बड़ी संख्या में लोग घरों से तो नही निकले, कुछ लोग निकले तो पुलिस की रोकटोक से असहज भी दिखे।
कोरोना से बचाव के लिए एक मात्र विकल्प लोगों से संपर्क तोड़ने की होने से सरकार को लॉकडाउन करना पड़ा। स्थिति यह रही कि पूरे दिन सड़कें सूनी रहीं और शहर में दुकानों पर ताला रहा। सामान तो किसी को मिल ही नहीं रहा है, शहर के साथ ही ग्रामीण इलाकों में भी यही हाल रहा। कई कस्बों में तो पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया है। इससे लोग अचरज रहे लेकिन खफा नही हुए क्योंकि यह रोक तो उन्हीं के लिए है। पुलिस भी क्या करे रोक के बावजूद लोग सड़कों पर घूमने कई जगह बाज नहीं आ रहे हैं।
फिलहाल प्रशासन की ओर से लोगों को राहत देने के लिए कार्य भी हो रहा है, यह अलग बात है कि जरूरतमंदों तक सामग्री पहुंचाने की कोशिश धरातल पर उतरती नही दिख रही है। इससे लोगों में बेचैनी है, शहरों व कस्बों में व्यवस्था बन भी जाए लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में तो दवा तक उपलब्ध नही होने में असमजस्य की स्थिति है। बताया जा रहा है कि अभी तहसीलों के एसडीएम को व्यवस्था बनाने को कहा गया है। फिलहाल कोरोना से जंग के लिए लोगों ने काफी हद तक खुद को घरों में रोकने का काम किया है।
दूध, सब्जी और दवा की जरुरूत सबसे ज्यादा
लोगों को लाक डाउन के बाद दूध, सब्जी और दवा की सबसे ज्यादा जरुरत है। प्रशासन की ओर से दवा के लिए इंतजाम किए गए हैं और तरबगंज के एसडीएम ने तेजी से मोबाइल नम्बरों को जारी किया है। जिससे लोग दवा घर पर मंगा सकते हैं। शहर के लिए सूचना विभाग ने मोबाइल नंबर जारी किया है। जिसमें रानी बाजार के शंभूनाथ का मोबाइल नंबर 9452687394, ध्रुव कमलापुरी प्रोविजन स्टोर का 9838971920, अनिल घरवाला प्रोविजन स्टोर का 8922910221, अशोक कसौधन प्रोविजन स्टोर का 9838116442, श्रवण प्रोविजन स्टोर का 9450521692, गुप्ता मेडिकल स्टोर का 9450520470, 7081345097 जारी किया है और होम डिलिवरी की सुविधा दी है। इसके अलावा सब्जी व दूध के इंतजाम पर लोगों की निगाहें टिकी हैं। वैसे प्रशासन की सूचना पर भरोसा करें तो 41 मोबाइल संसाधन मोहल्लों में सामग्री के लिए लगाया गया है।
जनता कर रही है सहयोग, अब प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी
लाक डाउन हो या फिर जनता कर्फ्यू, आम लोगों ने भरपूर सहयोग किया है। यह दिखा है कि किस तरह से एक अपील पर लोग बाहर नही निकले और हर स्तर से मदद किया। अब जनता की कसौटी पर प्रशासन व जन प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। प्रशासन ने तो अपने स्तर से बड़े स्तर पर कार्रवाई की है और दावे व अपील खूब किए हैं। लेकिन अब धरातल पर उतर कर जनता को उनकी जरुरत की चीजें मुहैय्या कराई जाएं, तभी यह लाक डाउन सफल होगा। नगर मजिस्ट्रेट वंदना त्रिवेदी ने होम डिलीवरी की व्यवस्था के लिए हर स्तर पर व्यापारियों के साथ बैठक किया है।
जिले की सीमाओं पर कड़ी चौकसी, आने जाने पर पाबंदी
जिले की सीमाओां पर कड़ी चौकसी बरती जा रही है। अयोध्या, बलरामपुर, बहराइच, बाराबंकी, बस्ती, सिद्धार्थनगर के सटे स्थानों को चिह्नित किया गया है और वहां पर कड़ी चौकसी बरती जा रही है। पुलिस के साथ अधिकारियों का मूवमेंट भी हो रहा है, बाहर से आने वालों को वापस करने के साथ ही बाहर जाने वालों को भी वापस किया जा रहा है।
लॉकडाउन पर पुलिस की मनमानी पर सांसद प्रतिनिधि खफा
कोरोना वायरस से लाक डाउन घोषित किए जाने के बाद लोगों की आवाजाही रोकी गई है। इसमें पुलिस की मनमानी पर कैसरगंज सांसद के प्रतिनिधि संजीव सिंह ने नाराजगी जताई है। उन्होंने सीओ करनैलगंज की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं कि और कहा कि वह कुछ ज्यादा ही तेजी दिखा रहे हैं। बताया जा रहा है कि लोग निजी वाहन से आ रहे थे जिन्हें रोका गया था। संजीव सिंह ने जिलाधिकारी से सवाल किया है कि आखिर लॉकडाउन की मंशा क्या है, स्पष्ट किया जाए। सवाल किया है कि पुलिस लाक डाउन के बहाने जनता को परेशान क्यों कर रही है। लाक डाउन का मकसद लोगों का घरों से अनावश्यक न निकलना और एक दूसरे संपर्क न करना है जिससे कोरोना का फैलाव रोका जा सके। इसकी आड़ में लोगों को परेशान किया जाना उचित नहीं है।