करनैलगंज के नकहरा गांव में भरा बाढ़ का पानी। - संवाद
करनैलगंज/विश्नोहरपुर। सरयू नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही है। इससे एक के बाद एक मजरों में पानी भर रहा है। बृहस्पतिवार तक 11 ग्राम पंचायतों के 56 मजरों में पानी भर गया। ऐसे में बाढ़ प्रभावित परिवारों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। लोग अपनी गृहस्थी का सामान समेटकर ऊंचे स्थानों पर जा रहे हैं। प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को अलर्ट किया है। राजस्व टीमें गांवों में पहुंचकर पीड़ितों को राहत पहुंचा रही हैं।
सरयू नदी बृहस्पतिवार को खतरे के निशान 106.07 के सापेक्ष 106.530 मीटर पर रही। नदी लाल निशान से 46 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। नदी में 3.66 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है। पानी बढ़ने से गांवों में लगातार जलभराव हो गया है। रास्तों पर पानी आने से नाव ही आवागमन का सहारा बनी हुई है। करनैलगंज की तीन ग्राम पंचायतों के 20 मजरे बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। जहां बुधवार शाम तक पानी नहीं था, वहां बृहस्पतिवार को जलभराव हो गया।
नकहरा के 10 मजरों में बुधवार रात पानी भरने लगे। चंदापुर किटौली के छह मजरे बाढ़ से प्रभावित हो गए हैं। ग्राम पसका के दो मजरे भी बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। ग्राम बहुवन मदार मांझा, घरकुइयां की सैकड़ों बीघा जमीन पूरी तरह जलमग्न है। इससे फसल बर्बाद हो गई है।
नवाबगंज के बाढ़ पीड़ितों के घर-गृहस्थी, चूल्हा-चौका सब कुछ तितर-बितर हो गया है। कोई ऊंचे स्थान पर डेरा जमा रहा है तो कोई बाढ़ के बीच घर की छत पर गुजारा कर रहा है। माझा के आधा दर्जन गावों में खेत खलिहान सहित आबादी क्षेत्र अब पूरी तरह बाढ़ की जद में है। सबसे ज्यादा लोग पशुओं के चारे को लेकर चिंतित हैं।
एसडीएम करनैलगंज जितेंद्र गौतम ने बताया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में राजस्व अधिकारी व कर्मचारी तैनात हैं। लगातार बांध की निगरानी के साथ ही बाढ़ से प्रभावित गांवों पर नजर रखी जा रही है। ग्रामीणों को लंच पैकेट, तिरपाल, राशन आदि मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं।