गोंडा। परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में संचालित मिड-डे मील योजना की गुणवत्ता पर अब बच्चों की माताएं भी नजर रखेंगी। इसके लिए जिले में ''''मां'''' अभियान शुरू किया जा रहा है। इसके तहत प्रत्येक विद्यालय में छह महिला अभिभावकों का समूह बनाया जाएगा, जो रोस्टर के अनुसार सप्ताह में एक दिन विद्यालय पहुंचकर भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और वितरण व्यवस्था को परखेगी ।
बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि अभियान का उद्देश्य मिड-डे मील योजना में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ अभिभावकों की सहभागिता सुनिश्चित करना है। निर्देशों के अनुसार चयनित महिला अभिभावक भोजन बनने से लेकर परोसने तक की पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण करेंगी। निरीक्षण के बाद विद्यालय में रखे रोस्टर रजिस्टर में अपनी टिप्पणी और सुझाव भी दर्ज करेंगी। यह कार्य पूरी तरह सामाजिक सहभागिता के आधार पर होगा और इसके लिए किसी प्रकार का मानदेय नहीं दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिन विद्यालयों में स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जाता है, वहां भी यह अभियान लागू होगा। इसके लिए शासनादेश के अनुरूप विद्यालयों में जल्द ही मातृ समूह का गठन कर अभियान का प्रभावी संचालन सुनिश्चित कराया जाएगा। इसके अनुपालन के लिए जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।