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Gonda News: पलभर में बिखर गई जिंदगी, मां-बहनों को आंखों के सामने खोया

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गोंडा में इटियाथोक के बेलवा बहुता के पास नहर में गिरी बोलेरो को निकालते लोग। स्रोत: वीडियोग्रैब
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गोंडा।
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इटियाथोक के बेलवा बहुता पुल के समीप पलभर में बोलेरो सवार पिंकी के सामने ही मां व बहनों समेत 11 जिंदगियां बिखर गईं। पिंकी ने आंखों के सामने मां-बहनों समेत चाचा-चाची व भाइयों समेत नौ परिजनों को खो दिया।
हादसे के बाद कमिश्नर शशिभूषण लाल सुशील पीड़ितों के घर सीहागांव पहुंचे तो पिंकी की बातों को सुनकर उनकी भी आंख छलक उठी। पिंकी ने कमिश्नर से हाथ जोड़कर कहा कि सर...लापता बहन की तलाश कराई जाए। अब सब बर्बाद हो चुका है। इतना कहते ही वह दहाड़े मारकर रोने लगी। बताया कि एक पल में ही परिवार के नौ लोगों की मौत हो गई। हालांकि बोलेरो बेकाबू होने से पहले पिंकी की जान बच गई थी।
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बोलेरो में पिंकी के साथ ही उनका छोटा भाई सत्यम भी था। चालक के साथ आगे की सीट पर होने के कारण किसी तरह से कूद कर जान बचा ली। पिंकी की मां बीना, बहन काजल और रिंकी की मौत हो गई। सभी मौतें पिंकी की आंखों के सामने हुईं।
हादसे के समय वह समझ नहीं पा रही थी कि बोलेरो में फंसे लोगों की कैसे जान बचाई जाए। इसके बाद ग्रामीणों से मदद की गुहार लगाई। हादसे के बाद सुरक्षित घर पहुंची तो देवीपाटन मंडल कमिश्नर शशिभूषण लाल सुशील व मनकापुर सीओ उचित नारायण पालीवाल ने उसका हाल जाना।कमिश्नर ने कहा कि लापता बच्ची की तलाश के लिए एसडीआरएफ समेत टीमें लगाई गईं हैं। प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ है। हरसंभव मदद की जाएगी।
चाचा-चाची समेत चचेरे भाई-बहनों की मौत

हादसे में पिंकी के चाचा रामकरन, चाची अनुसुइया, चचेरी बहन सौम्या, चचेरे भाई शुभ के साथ ही तीसरे नंबर के चाचा रामरूप की पत्नी दुर्गेश नंदनी, बेटे अमित समेत एक साथ नौ लोगों की मौत नहीं भूल पा रही हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कोई मेरे परिजनों को ला दो...इसके साथ ही लापता बहन की तलाश के लिए बार-बार गुहार लगाती रहीं।
पिता लगाते हैं चाट का ठेला, मौत के बाद टूटा परिवार


पिंकी के पिता प्रह्लाद सीहागांव के पास नरायनगंज चौराहे पर चाट का ठेला लगाते हैं। बड़ा भाई अयोध्या के कुमारगंज में एक महाविद्यालय में बीएससी एजी की पढ़ाई कर रहा है। रविवार को पूरा परिवार दर्शन के लिए निकला था। घर से करीब 20 किलोमीटर दूरी पर हुए हादसे के बाद परिवार की खुशी गम में तब्दील हो गई।
भाई शिवम ने बताया कि बहन पिंकी ने उन्हें फोन पर जानकारी दी थी। हालांकि वह लोकेशन नहीं बता पा रही थी। ऐसे में किसी ग्रामीण ने उन्हें सही लोकेशन की जानकारी दी।
चालक बोला....क्या बताएं, कुछ समझ में नहीं आया
गोंडा। हादसे के बाद सीएचसी इटियाथोक में भर्ती बोलेरो चालक सीताशरन से पूछा गया कि कैसे क्या हुआ था...उसने कहा कि क्या बताएं, कुछ समझ में ही नहीं आया। वह आगे कुछ कहता इससे पहले ही पुलिसकर्मियों ने बात करने से मना कर दिया। हादसे से पहले बोलेरो से कूदे चार लोगों को सीएचसी इटियाथोक में भर्ती कराया गया था। डॉ. अभिषेक वर्मा की टीम ने उनका इलाज किया। बताया कि चारों का स्वास्थ्य ठीक है। एसओ खरगूपुर प्रदीप सिंह टीम के साथ तैनात थे।
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सीएम कार्यालय से आया प्रधान को फोन, जुटाई गई जानकारी
गोंडा। हादसे के बाद राहत व बचाव कार्य पर मुख्यमंत्री कार्यालय की सीधी नजर रही। प्रधान अशोक शुक्ला ने बताया कि रविवार को हादसे के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से घटना की निगरानी की गई। फोन करके हादसे के बारे में जानकारी ली गई। पूरे घटनाक्रम के कारणों पर भी चर्चा की गई। यही नहीं, हादसे के बाद शासन स्तर पर घटना को लेकर अफसरों से हरेक बिंदु पर जानकारी जुटाई जाती रही। संवाद







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