गोंडा। वामपंथी मोर्चा के लोगों ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार को प्रतिवाद दिवस मनाया। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम आलोक कुमार को सौंपा। जिसमें वरिष्ठ नेताओं पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और तत्काल रिहा करने की मांग की गई।
नेताओं ने कहा कि मिर्जापुर जिले में वनाधिकार कानून के तहत वहां के आदिवासियों के वनाधिकारों को बहाल करने, उनका विस्थापन रोकने व बुलडोजर कार्रवाई रोकने के लिए संघर्ष किया जा रहा है। तीन जनवरी को भाकपा माले के प्रदेश सचिव सुधाकर यादव और राज्य कमेटी की सदस्य कामरेड जीरा भारती को मिर्जापुर में गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों नेता वाराणसी में वरिष्ठ सदस्य की अंत्येष्टि में शामिल होकर लौट रहे थ्ज्ञे। पुलिस ने बिना किसी कारण के उनको गिरफ्तार कर लिया। इसकी कोई जानकारी भी नहीं दी गई और जेल भेज दिया गया। जेल में बंद नेताओं के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने फर्जी फंसाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई, गरीबों की पुश्तैनी जमीन से बेदखली रोकने, लालगंज के तेंदुआ खुर्द गांव में महिलाओं पर हमला करने वाले वनकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान जमाल खां, रवींद्र श्रीवास्तव, राजीव सिंह, सुखसेन सिंह, सीताराम वर्मा, अयूब, कर्ताराम, मुश्ताक अहमद, सूरजलाल मौजूद रहे। (संवाद)