प्रदेश सरकार के खिलाफ सोमवार को कलेक्ट्रेट में वकीलों ने प्रदर्शन किया। वकीलों नर पुलिसिया लाठीचार्ज व आंसू गैस छोड़ने की घटना को शर्मनाक बताते हुए उच्च स्तरीय जांच कराने और पीड़ित परिजनों को आर्थिक सहायता व सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की। प्रदर्शन के बाद राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा।
जिला बार संघ अध्यक्ष सत्यदेव तिवारी की अगुवाई में वकीलों ने कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में अराजकता का माहौल होने के चलते लखनऊ के वकील श्रवण कुमार वर्मा, इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकील दीपचंद शुक्ला व हमीरपुर के वकील अशोक अहिरवार की हत्या कर दी गई है।
मृतक वकीलों के परिजनों को सुरक्षा व न्याय दिलाने के लिए अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। प्रदेश सरकार की अराजकता के खिलाफ लखनऊ हाईकोर्ट व सिविल कोर्ट में विरोध प्रदर्शन के दौरान निहत्थे वकीलों पर पुलिस ने लाठियां बरसाईं। आंसू गैस के गोले छोड़े।
पुलिसिया कार्रवाई व प्रदेश सरकार की कार्यशैली के खिलाफ वकील जन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। मृतक वकीलों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता आश्रितों को सरकारी नौकरी और परिजनों को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की गई।
प्रदर्शन के बाद वकीलों ने राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी इंद्र भूषण वर्मा को सौंपा। धरना-प्रदर्शन में बार के महामंत्री शशांक त्रिपाठी, केशवानंद विश्वकर्मा, भारत भूषण पांडेय, पवन शुक्ला, आशुतोष तिवारी, गयास अहमद, रुपेश, संजय समेत कई वकील मौजूद रहे।