गोंडा। महाराजा देवीबख्श सिंह चिकित्सा महाविद्यालय के विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीज अब रात में स्टाफ नर्सों के सहारे नहीं रहेंगे। सभी वार्डों में जूनियर रेजिडेंट का मौजूद रहना अनिवार्य हो गया है। मंडलायुक्त व डीआईजी के औचक निरीक्षण में डॉक्टरों के नदारद मिलने के बाद सख्ती बढ़ गई है। 34 जूनियर रेजिडेंटों की ड्यूटी वार्डों में लगाई गई है। इसकी निगरानी की जिम्मेदारी संबंधित विभाग के प्रोफेसर व असिस्टेंट प्रोफेसर को सौंपा गई है।
पांच दिसंबर की भोर में मंडलायुक्त शशिभूषण लाल सुशील व डीआईजी अमित पाठक ने औचक निरीक्षण किया थाए इसमें इमरजेंसी में डॉक्टर व फार्मासिस्ट नदारद मिले थे। आयुक्त की सख्ती के बाद सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी ने रात की ड्यूटी को लेकर सख्त नियम तैयार किए हैं। अब इमरजेंसी, पीआईसीयू, चिल्ड्रेन वार्ड, मेडिसिन वार्ड, महिला व पुरुष मेडिसिन वार्ड, महिला व पुरुष सर्जरी वार्ड, ऑर्थो वार्ड सहित अन्य वार्डों में तीन-तीन पालियों में ड्यूटी लगाई गई है। रात में स्टाफ नर्स, वार्ड बॉय के साथ जूनियर डॉक्टरों की उपस्थिति अनिवार्य है। संबंधित विभागाध्यक्ष प्रत्येक रात में वीडियो कॉल कर जेआर की उपस्थिति जांचेंगे। वहीं सप्ताह में कम से कम एक बार प्राचार्य व सीएमएस रात में वार्डों का निरीक्षण करेंगे। बिना सूचना के नदारद मिले जूनियर रेजीडेंट चिकित्सकों की सेवा समाप्त कर दी जाएगी।