कार्यालय सभागार में मंडलीय उद्योग बंधु की बैठक में जानकारी लेतीं आयुक्त दुर्गाशक्ति व माैजूद व
गोंडा। देवीपाटन मंडल में 8655.66 करोड़ रुपये के निवेश के लिए 503 एमओयू हुए हैं लेकिन इन्हें धरातल पर उतारना चुनौती बना हुआ है। 24 अक्तूबर तक के आंकड़ों के मुताबिक, इनमें 362 परियोजनाएं वाणिज्यिक उत्पादन के लिए तैयार बताई गई हैं।
मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने मंगलवार को मंडलीय उद्योग बंधु की बैठक में निवेश की प्रगति और उद्यमियों की समस्याओं की समीक्षा की। उन्होंने लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण करने और विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए। मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि उद्योगों की स्थापना, विस्तार और संचालन से जुड़ी समस्याएं अनावश्यक रूप से लंबित न रहें। उद्यमियों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और तय समय में उनकी समस्याओं का समाधान हो। मंडलायुक्त ने कहा कि औद्योगिक विकास से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। जिन मामलों में कई विभागों की जरूरत है, उनका आपसी समन्वय से निस्तारण कराया जाए।
गोंडा में 3057 करोड़ के निवेश प्रस्ताव
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के तहत गोंडा में 3057.32 करोड़ रुपये के 126 एमओयू हुए हैं। इनमें 96 परियोजनाएं वाणिज्यिक उत्पादन के लिए तैयार हैं। बहराइच में 2874.36 करोड़ रुपये के 196 एमओयू में 157, बलरामपुर में 1789.10 करोड़ रुपये के 124 एमओयू में 76 और श्रावस्ती में 934.88 करोड़ रुपये के 57 एमओयू में से 33 परियोजनाएं उत्पादन के लिए तैयार हैं।
वेडिंग जोन की खाली दुकानों के आवंटन की मांग
बैठक में व्यापारी नेता शिवकुमार सोनी समेत अन्य व्यापारियों ने मंडल मुख्यालय स्थित वेडिंग जोन की खाली दुकानों का नए सिरे से आवंटन करने की मांग उठाई। व्यापारियों ने कहा कि आवंटन के दावों के बावजूद दुकानें खाली पड़ी हैं। दोबारा आवंटन होने से व्यापारियों को कारोबार शुरू करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने औद्योगिक इकाइयों को पर्याप्त बिजली आपूर्ति देने की मांग भी रखी।
कार्यालय सभागार में मंडलीय उद्योग बंधु की बैठक में जानकारी लेतीं आयुक्त दुर्गाशक्ति व माैजूद व