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Gonda News: दिल्ली व बिहार तक पहुंची ठगी के मामलों की जांच

Sun, 19 Jul 2026 12:45 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा। क्रिप्टो करेंसी में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी के मामले में पुलिस अब बिहार से दिल्ली तक फैले संभावित नेटवर्क की कड़ियां तलाशेगी। करनैलगंज क्षेत्र में सामने आए दो मामलों में आरोपियों के बीच संपर्क और निवेशकों को लखनऊ से जोड़ने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। तहरीर में एक आरोपी के बिहार का व दूसरे को दिल्ली निवासी बताया गया है।
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पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि निवेश के नाम पर जुटाई गई रकम आखिर किन-किन खातों में पहुंची और वहां से आगे कहां ट्रांसफर की गई। इसके लिए आरोपियों के बैंक खातों में हुए लेनदेन, मोबाइल नंबरों और डिजिटल भुगतान की जानकारी खंगाली जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि निवेश के नाम पर रकम जुटाने में किसकी क्या भूमिका थी और कंपनी के नाम का इस्तेमाल किस स्तर पर किया गया।
पीड़ितों की तहरीर के मुताबिक, लखनऊ में काम के सिलसिले में आने-जाने के दौरान उनकी मुलाकात रजनीश रौशन से हुई थी। आरोप है कि उसने क्रिप्टो करेंसी और शेयर बाजार में निवेश के जरिये मोटा मुनाफा दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद निवेशकों को टेलीग्राम ग्रुप से जोड़कर अलग-अलग योजनाओं में रकम लगाने के लिए प्रेरित किया गया। इसी दौरान कुछ अन्य लोगों से भी उनकी बातचीत कराई गई।
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पहले मामले में पांच लोगों से 54.80 लाख रुपये निवेश कराने का आरोप है। वहीं दूसरे मामले में भी टेलीग्राम ग्रुप के जरिये शेयर, आईपीओ और अन्य निवेश योजनाओं में रकम लगवाने की शिकायत सामने आई है। दोनों मामलों में कुछ नाम समान होने के कारण पुलिस अब इनके बीच संबंधों की जांच कर रही है।


शुरुआत में रिटर्न देकर जीता भरोसा
पीड़ितों का आरोप है कि रकम निवेश कराने के बाद शुरुआती कुछ महीनों तक उन्हें मामूली रिटर्न दिया गया। इससे उनका भरोसा बढ़ गया और उन्होंने और रकम निवेश कर दी। बाद में भुगतान बंद हो गया और संपर्क भी टूटने लगा। रकम वापस मांगने पर टालमटोल किए जाने और शिकायत करने पर धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

दो एफआईआर के बाद बढ़ी पुलिस की सक्रियता

दस दिनों के भीतर निवेश के नाम पर ठगी से जुड़े दो मामले सामने आने के बाद पुलिस अब दोनों मुकदमों को जोड़कर जांच कर रही है। पुलिस आरोपियों के आपसी संपर्क, टेलीग्राम ग्रुप, मोबाइल नंबर, बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच में यदि बिहार, दिल्ली या अन्य राज्यों से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आती है तो पुलिस उनके बारे में भी जानकारी जुटाकर कार्रवाई कर सकती है।
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