गोंडा। 'जब अपने हिया परिवार के मुखिया कय देहांत होय जात हय, उसके बाद जब वरासत का समय आवत हय, तब दिक्कत होत है या नहीं, बहुत दिक्कत होत हय। जब जमीन की खरीद फरोख्त होत हय तो अमल दरामद के लिए बहुत दिक्कत होत हय। यह दो चीज हमारे यहां डीएम साहब भ्रष्टाचार के मुख्य बिंदु है तहसीलों के। बताओ हम सही कहित हय या नहीं।' यह अल्फाज केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह के हैं।
जिला पंचायत सभागार में शनिवार को घरौनी वितरण कार्यक्रम में मंच पर आयुक्त देवीपाटन व डीएम की मौजूदगी में केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने सरकारी सिस्टम को आईना दिखाया। कहा, आवश्यकता इस बात की है कि जिले के अधिकारी पहल करें। हर तहसील में यह लिस्ट बनाएं कि कितने दिन से वरासत व अमल दरामद के मामले लंबित हैं। इसके आधार पर समयसीमा के भीतर उसका निस्तारण कराएं। इससे काफी हद तक समस्या का समाधान होगा।
मदरसा मामले को स्वयं देखें अधिकारी
गोंडा में मदरसा संचालन में उजागर हुए खेल को लेकर केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने कहा, जो सरकार की अच्छी योजनाएं होती हैं, लोगों की मदद के लिए होती हैं। बच्चों की पढ़ाई के लिए होती हैं। उन योजनाओं का भी दुरुपयोग करने के लिए लोग बैठे हुए हैं। यह हमारे परिवार का पैसा है, जनता का पैसा है, अगर उस पैसे का कहीं दुरुपयोग हो रहा है, तो रोकथाम करना हमारी जिम्मेदारी बनती है। कहा कि 2018 में हमें एक शिकायत मिली थी, उसी के आधार पर हमने जांच के लिए पत्र लिखा था। वहीं, जांच अब आगे बढ़ चुकी है। जो दोषी लोग हैं, उनकी पहचान हो चुकी है। आगे की जांच के लिए कागज इकट्ठा किए जा रहे हैं। जांच अधिकारियों के साथ ही प्रशासन के अधिकारियों से कहा गया है कि इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करें।