एल्गिन-चरसड़ी बांध का खतरा कम नहीं हो रहा है। एक बार फिर से घाघरा की बाढ़ में साढ़े चार करोड़ रुपये बहाने की तैयारी पूरी हो चुकी है। जलस्तर बढ़ने से घाघरा का पानी बांध से टकराने लगा है। वहीं नदी में पानी बढ़ते ही अमेरिकन ड्रेजर मशीन से धारा को मोड़ने के लिए किए जा रहे कार्य को बंद करा दिया गया है। छह पुराने स्परों के नोज के साथ 28 स्थानों पर कट स्पर बनाने की तैयारी तेजी से चल रही है।
घाघरा की धारा को मोड़ने के लिए पिछले दो माह से चल रहा कार्य बंद करा दिया गया है। मशीन को बांध के किनारे सुरक्षित स्थान पर खड़ा कर दिया गया है। घाघरा का जलस्तर अभी खतरे के निशान से काफी नीचे है। फिर भी बाढ़ का पानी बांध से टकराने लगा है।
आने वाले समय में पानी बढ़ने के बाद खतरे से निपटने के लिए डैंजर जोन बांध के किनारे-किनारे 28 स्थानों पर बालू भरी बोरियों से कट बनाने एवं पुराने अवशेष आधा दर्जन स्परों को मजबूत बनाने का काम तेज कर दिया गया है। अमेरिकन डेंजर मशीन से नदी की धारा को मोड़ने के लिए नदी की गहराई को बढ़ाने का कार्य ठप हो चुका है।
रविवार को नदी का जलस्तर करीब 40 सेमी बढ़ गया था। पानी बढ़ते ही बाढ़ का पानी बांध से टकराना शुरू हो गया। जो इसके पूर्व घाघरा के खतरे के निशान तक पहुंचने पर होता था। सोमवार को पानी करीब 22 सेमी घट गया। मगर आने वाले समय में एकाएक पानी बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है। रविवार को 103.926 जलस्तर पहुंच गया, वहीं सोमवार को 106.706 हो गया। फिर भी बांध से पानी लगा हुआ है।
मौके पर मौजूद एई अशोक कुमार ने बताया कि बांध पूरी तरह से सुरक्षित है। 28 स्थानों पर कट बनाने का कार्य प्रगति पर है। तारों के जाल बनाकर नदी के किनारे ड़ाले जा रहे हैं। पुराने स्परों के नोज को मजबूत बनाने, बांध को चौंड़ा करने का काम तेजी से हो रहा है। रैनकट व रैट होल पूरी तरह से भरा दिए गए हैं।