गोंडा। कोरोना संक्रमण के दौरान जान जोखिम में डालकर संक्रमितों की सेवा व टीकाकरण करने वाले करीब 150 संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त कर दी जाएगी। इसी मुद्दे पर मंगलवार को पिछले पांच महीने से मानदेय न मिलने तथा सेवा विस्तार की मांग को लेकर कर्मियों ने जमकर प्रदर्शन किया। कोविड अस्पताल में तालाबंदी कर मरीजों को अंदर नहीं घुसने दिया। कोविड अस्पताल में होने वाली ओपीडी और टेली मेेडिसिन की सेवा प्रभावित रही।ं समस्या की समाधान के लिए कर्मियों ने अधिकारियों को ज्ञापन दिया।
कोरोना संक्रमण के दौरान 19 अगस्त 2020 को आउट सोर्सिंग के जरिए जिले में करीब 150 कर्मियों की भर्ती की गई थी। जिसमें कोविड अस्पताल के आईसीयू, हाइपर डिपेंडसी यूनिट,सेमी प्राइवेट यूनिट, प्राइवेट यूनिट में विभिन्न पदों पर कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर कोविड कर्मी तैनात थे। इन कर्मियों की सेवा 31 मई तक ही है। सेवा विस्तार को लेकर कर्मियों ने जमकर प्रदर्शन किया। कोविड अस्पताल का अंदर से ताला बंद कर लिया। जिससे कोई डॉक्टर या मरीज अंदर नहीं जा सका। तालाबंदी कर कर्मियों ने घंटों तक प्रदर्शन किया। ओपीडी के लिए आए दर्जनों मरीजों को बाहर से लौटना पड़ा।
वहीं कोविड अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों को हटाकर जिला अस्पताल में शिफ्ट किया गया। कोविड अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक कुमार की ओपीडी, तथा टेलीमेडिसिन के डॉक्टरों की ऑनलाइन ओपीडी संचालित है। जिला अस्पताल में बेड फुल होने की स्थित में कुछ मरीजों को कोविड अस्पताल में भी भर्ती कराया गया था। पूरे दिन कर्मियों का प्रदर्शन चलता रहा। कर्मियों ने सेवा विस्तार की मांग को लेकर जिला अस्पताल की प्रमुख अधीक्षक डॉ. इंदु बाला व सीएमओ डॉ. राधेश्याम केसरी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। हालांकि अधिकारियों की ओर से सेवा विस्तार का कोई आश्वासन नहीं दिया गया। इससे कर्मियों में निराशा छायी रही।
आर्थिक तंगी से जूझ रहे कर्मी
कोरोना काल में आउट सोर्सिंग के जरिए नियुक्त इन कर्मियों को पिछले पांच माह से मानदेय नहीं मिला है। स्टाफ नर्स चंदन मिश्र ने बताया कि मानदेय न मिलने से कोविड कर्मी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। कई बार जिम्मेदारों से मुलाकात कर मानदेय दिलाए जाने की मांग की गई लेकिन सिर्फ अश्वासन ही मिल सका। अब नौकरी भी चली जाने से परिवार चलाने में दिक्कत होगी। प्रदर्शन करने वालों में स्टाफ नर्स लक्ष्मी सिंह, मंदाकिनी जायसवाल, आकांक्षा सिंह, सुषमा यादव, सुमन यादव, दीपक पांडेय, पवन शुक्ला आदि रहे।
अस्पताल प्रबंधक की पहले ही जा चुकी नौकरी
कोरोना संक्रमण के तीसरी लहर के दौरान ही कोविड अस्पताल के प्रबंधक रविकांत शुक्ल की सेवा समाप्त कर दी गई थी। अन्य कर्मचारियों को 31 मार्च के बाद सेवा विस्तार मिला लेकिन कोविड प्रबंधक की सेवा बहाली नहीं हो सकी। वहीं एलटी व कुछ अन्य कर्मियों को भी पहले हटाया जा चुका है।
कोविड कर्मियों की सेवा 31 मई तक ही है, अभी तक सेवा विस्तार का कोई आदेश नहीं प्राप्त हुआ है। कर्मियों की मांग को लेकर अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। डॉ. राधेश्याम केसरी, मुख्य चिकित्साधिकारी