फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डायरिया से बालिका की मौत, सीएमएस भी पीड़ित

विज्ञापन
फोटो-7 गोंडा में जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में भर्ती मरीज। -संवाद - फोटो : GONDA
विज्ञापन
गोंडा। जिले में डायरिया का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। डायरिया के लक्षण से पीड़ित 12 वर्षीय बालिका की एक निजी क्लीनिक में इलाज के दौरान मौत हो गई। गुरुवार की रात जिला महिला अस्पताल की सीएमएस की उल्टी-दस्त व बुखार के चलते हालत बिगड़ गई। शुक्रवार को जिला अस्पताल में डायरिया से पीड़ित 21 मरीजों को भर्ती कराया गया।
विज्ञापन

बीते गुरुवार को महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. सुषमा सिंह की डायरिया व बुखार से हालत बिगड़ गई। दोपहर को प्रभारी मंत्री के निरीक्षण के बाद सीएमएस की तबियत बिगड़ी तो उन्हें प्राथमिक उपचार देकर घर भेज दिया गया। देर रात उल्टी-दस्त व बुखार के चलते हालत अधिक खराब होने से डॉक्टरों ने उनके आवास पर इलाज कर सुबह लखनऊ इलाज के लिए भेज दिया। राघवराम पुरवा निवासी 12 वर्षीय लक्ष्मी का इलाज के दौरान मौत हो गई। लक्ष्मी के पिता हरिश्चंद्र ने बताया कि उल्टी-दस्त व ठंड लगकर बुखार आने की शिकायत होने पर उसे एक क्लीनिक पर ले गए, जहां उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
शुक्रवार को जिला अस्पताल में 21 मरीज डायरिया के भर्ती कराए गए। डायरिया के लक्षण वाले 122 मरीजों का ओपीडी में इलाज किया गया। जिला अस्पताल में पिछले एक सप्ताह के भीतर डायरिया के लक्षण वाले सौ से अधिक मरीजों को भर्ती कराया जा चुका है। मरीजों की बढ़ी तादात से अस्पताल में बेड फुल हो गए हैं। वार्डों के बीच में तथा बाहर गैलरी में बेड लगाकर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है।
विज्ञापन

निजी अस्पतालों में लगा तांता
गर्मी जनित बीमारियों के चलते शहर के निजी अस्पतालों तथा ग्रामीण क्षेत्रों के क्लीनिकों पर मरीजों का तांता लगा रहता। अधिकांश मरीज उल्टी दस्त व वायरल बुखार से पीड़ित होते हैं। एक निजी नर्सिंगहोम के संचालक डॉ. राजेश कुमार के अनुसार, उनके यहां डायरिया से पीड़ित हर रोज 200 से अधिक मरीज आ रहे हैं। गंभीर मरीजों को भर्ती कराया जाता है तथा अन्य को ओपीडी में इलाज देकर घर भेज दिया जाता है। मरीजों को गर्मी से बचने व खान-पान में अनियमितता से बचने का सुझाव दिया जाता है।
डायरिया के लक्षण
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. समीर गुप्ता के अनुसार पेट के निचले हिस्से में दर्द, पेट में मरोड़, उल्टी, बुखार और कमजोरी डायरिया के लक्षण हैं। शरीर में पानी की कमी होने के कारण ये दिक्कतें आने लगती हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। बच्चे वायरल फीवर चपेट आ रहे हैं।
विज्ञापन

यह बरतें सावधानी
- धूप में घर से निकलने से बचें, बहुत जरूरी होने पर छाते का सहारा लें।
- शरीर में पानी की कमी न होने दें। डायरिया जैसी स्थिति होने पर ओआरएस का प्रयोग करें।
- शुद्ध पानी का इस्तेमाल करें, पानी को उबालकर छानकर ठंडा करने के बाद सेवन करें।
- कटे हुए फल या खुले में रखे खाद्य पदार्थों के खाने से परहेज करें।
- निमोनिया व डायरिया से बचने के लिए सफाई का विशेष ध्यान रखें।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें