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हाईटेंशन लाइन बढ़ा रही 40 हजार लोगों की टेंशन

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गोंडा। शहर के दो दर्जन से अधिक कॉलोनियों में घर की छतों व विभिन्न विद्यालयों से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइन किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। नगर के करीब 800 घरों में रहने वाले 10 हजार से अधिक परिवारों के ऊपर मौत के साये की तरह बिजली की लाइन मंडरा रही है। वहीं जनपद के 200 स्कूलों में पढ़ने वाले 30 हजार नैलिहालों व शिक्षकों के लिए विद्यालय परिसर से गुजरने वाली या स्कूलों के छतों से जाने वाली हाईटेंशन लाइन बड़े खतरे का कारण बन सकती है।
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शहर के जानकीनगर, सिविल लाइन, विष्णुपुरी, आवास विकास, मालवीय नगर, छेदीपुरवा समेत करीब 25 कॉलोनियों में लोगों के छतों के ऊपर से बिजली के तार गये हैं। बताया जाता है कि करीब 30 साल पहले जब बिजली विभाग ने इन लाइनों का निर्माण करवाया था उस समय यह क्षेत्र खाली पड़ा था। आबादी बढ़ने के साथ-साथ कॉलोनियों में मकानों की संख्या बढ़ गई। लोगों ने हाईटेंशन लाइनों के नीचे घर बनवा लिया। जो बड़े खतरे का कारण बन सकती है। हालत ये है कि 33 हजार केवी हाईटेंशन लाइन के नीचे लोगों ने अपनी दो व तीन मंजिला मकान बनवा लिया।
अधिकांश घरों के ऊपर से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइनों के तार छत से महज दो मीटर की दूरी पर ही हैं। लोगों का घर 20 साल पुराना होने के बावजूद विद्युत विभाग द्वारा छतों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन नहीं हटाई गई। एचटी लाइन के नीचे रहने वाले परिवारों का दर्द बिजली विभाग की अनदेखी से बढ़ रहा है। प्रशासन के साथ ही विभाग में दौड़ रहे लोगों की उम्मीद टूट रही है। वहीं बड़ी-बड़ी बिल्डिंगों व कॉम्प्लेक्सों की छतों से हाईटेंशन लाइन गुजर रही हैं। नगर के अंबेडकर चौराहे के समीप कई कॉम्प्लेक्सों व दुकानों के बीचों-बीच से 33 हजार की हाइटेंशन लाइन लोगों की टेंशन बढ़ा रही है।
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नौनिहलों की टेंशन बनी विद्यालयों से गुजरने वाली हाईटेंशन
विभिन्न शिक्षा क्षेत्रों के करीब 20 विद्यालयों में हाईटेंशन लाइन तथा 180 विद्यालयों के परिसर में बिजली के खुले तारों से खतरा बना हुआ है। विद्यालयों में हाईटेंशन लाइन या तो स्कूल के छत से गुजरती या विद्यालय परिसर के बीच से निकलती है। शिक्षा क्षेत्र इटियाथोक के मॉडल प्राइमरी स्कूल करुआपारा में परिसर के भीतर ही ट्रांसफार्मर रख दिया गया है। इससे यहां बराबर फ्यूज उड़ने पर चिंगारी भड़क उठती है। स्कूल के ही परिसर में आंगनवाड़ी केंद्र भी निर्माणाधीन है। स्कूल के मैदान के ऊपर से ही एचटी लाइन का तार गुजरा है। यही नहीं बिजली विभाग ने बाउंड्री वॉल के भीतर ही ट्रांसफार्मर रखवा दिया। इस ट्रांसफार्मर से करूवापारा गांव के उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति की जाती है। विद्यालय परिसर में ट्रांसफार्मर रखने व तार खींचे जाने से हमेशा हादसे की संभावना बनी रहती है। प्रधानाध्यापक रामजी पांडेय ने बताया कि विद्यालय में 193 छात्रों का नामांकन हुआ है। विद्यालय खुलने पर यहां काफी संख्या में छात्रों की उपस्थिति रहने वाली है।
बेलसर शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय गंगरौली में ट्रांसफॉर्मर स्कूल परिसर में रखा है जिससे पूरे गांव में विद्युत सप्लाई के लिए तार दौड़ाए गये हैं। तारों के मकड़जाल से पूरा विद्यालय परिसर पावर हाउस प्रतीत हो रहा है। परसपुर शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय नीरपुर ख्याला में स्कूल की छत के ऊपर से 11 हजार की लाइन गुजर रही है। जिससे हादसे होने की संभावना है। करीब 15 वर्ष पहले एक व्यक्ति की विद्यालय परिसर में करंट लगने से मौत हो गई थी। बेलसर के प्राथमिक विद्यालय लिलोई कला में भी स्कूल की छत के ऊपर से 33 हजार की एचटी गई है।
आदेश के बावजूद नहीं हटाई गई लाइनें
जुलाई 2019 में बलरामपुर में करेंट लगने से 52 लोगों के झुलसने की घटना से सबक लेते हुये शासन ने जिले के 200 विद्यालयों से गुजरने वाली विद्युत लाइनों को हटाने का आदेश दिया गया था। लेकिन अभी तक सरकारी आदेश बेअसर रहा तथा एक भी लाइन नहीं हटाई गई।
200 स्कूलों के ऊपर से गुजरी हैं लाइनें
200 परिषदीय स्कूलों के ऊपर से बिजली की लाइनें गुजरी हैं। इसमें 20 स्कूलों के ऊपर से एचटी लाइनें गई हैं। स्कूलों के ऊपर से गुजर रही लाइनों को शिफ्ट करने के लिए पावर कार्पोरेशन को कई बार उनके तथा जिलाधिकारी के माध्यम से पत्र भेजा गया है।
-डॉ. इंद्रजीत प्रजापति, बीएसए गोंडा
लाइनों को शिफ्ट कराने का भेजा गया है प्रस्ताव
स्कूलों व भवनों के ऊपर से गुजर रही बिजली लाइनों को शिफ्ट कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। बजट व स्वीकृति मिलते ही सभी लाइनों को शिफ्ट कराया जाएगा।
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- राम स्वरूप, मुख्य अभियंता पावर कार्पोरेशन
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