फोटो-8 गोंडा के महिला अस्पताल में गर्भवती को फल वितरित करती स्टाफ नर्स। -संवाद
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गोंडा। सुरक्षित मातृत्व दिवस अभियान के तहत गर्भवती के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए प्रसव पूर्व देखभाल (एएनसी) की जांच हुई। इसमें खून की कमी व अन्य कारणों से होने वाली हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) वाली गर्भवतियों को चिह्नित किया गया। ऐसी महिलाओं को अपने स्वास्थ्य की विशेष निगरानी व सतर्कता बरतने का सुझाव दिया गया।
शनिवार को जिला महिला अस्पताल समेत सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सुरक्षित मातृत्व दिवस अभियान के तहत विशेष जांच शिविरों का आयोजन किया गया। महिला अस्पताल में इस अभियान की शुरुआत सीएमएस डॉ. सुषमा सिंह ने गर्भवती महिलाओं को फल देकर की। इस दौरान 60 गर्भवतियों की प्रसव पूर्व देखभाल से जुड़ी जांच की गई। इसमें 14 महिलाएं हाई रिस्क प्रेग्नेंसी में चिह्नित हुई। शिविर में आयी महिलाओं को परिवार नियोजन सहित अन्य स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी भी दी गयी।
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. एस कुुमार ने बताया कि शिविर में आईं गर्भवतियों की प्रसव पूर्व से जुड़ी यूरिन, ब्लड प्रेशर, मधुमेह, सिफलिस, हीमोग्लोबिन व पेट से जुड़ी अन्य जरूरी मेडिकल जांच कर उनका चिकित्सकीय परीक्षण किया गया। सीएमएस डॉ. सुषमा सिंह ने बताया कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने, गर्भवती की बेहतर स्वास्थ्य देखभाल, प्रसव पूर्व जांच एवं उन्हें समय पर उचित इलाज मुहैया कराने के लिए यह दिवस प्रत्येक माह की नौ तारीख को मनाया जाता है। (संवाद)