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चार साल में 1.6 लाख परिवारों के पहुंच से दूर रह गया गोल्डन कार्ड

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गोंडा। सेहत की बेहतर देखभाल के लिए चार साल पहले शुरू हुई आयुष्मान भारत योजना का फायदा पाने से अभी भी 1.61 लाख परिवार वंचित हैं। 1,61,392 परिवारों के करीब छह लाख सदस्य गोल्डन कार्ड न बन पाने से आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज का फायदा नहीं उठा पा रहे हैं।
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जिले में एक अप्रैल 2018 से आयुष्मान योजना का संचालन शुरू हुआ था। इसके तहत प्रत्येक लाभार्थी को हर साल पांच लाख रुपये तक का नि:शुल्क इलाज करवाने का फायदा मिलता है। योजना का लाभ दिलाने के लिए जिले के 2.55 लाख परिवारों के 12 लाख लोगों को चयनित किया गया था। सुस्त रफ्तार के कारण अभी भी बड़ी संख्या में चयनित लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड नही बन पाए हैं। अगस्त 2021 में इसी स्वास्थ्य बीमा योजना में मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पांच हजार 176 परिवारों को और जोड़ा गया। इसके बाद पुन: मार्च 2019 में 22,576 निर्माण श्रमिकों को योजना के तहत के जोड़ा गया। अक्टूबर 2021 में इसी योजना में 63,253 अंत्योदय कार्ड धारकों को भी योजना के तहत लाभार्थियों की सूची में जोड़ा गया। आयुष्मान भारत योजना के तहत कुल 2,91,564 लाभार्थी परिवारों के करीब 12 लाख सदस्यों का गोल्डन कार्ड बनाया जाना था। इसके बावजूद अब तक 1,30,172 परिवारों तक ही गोल्डन कार्ड की पहुंच बन सकी है। संवाद
गोल्डन कार्ड बनवाने में रुचि नहीं ले रहे लाभार्थी
गोल्डन कार्ड से वंचित 161392 परिवारों के करीब छह लाख लाभार्थी सदस्य गोल्डन कार्ड बनवाने को लेकर उदासीन बने हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग जिले के प्रत्येक सीएचसी व जिला अस्पताल में हर दिन गोल्डन कार्ड बनवाए जाने का दावा कर रहा है। इसके बावजूद लाभार्थी कार्ड बनवाने में कोई दिलचस्पी नहीं ले रहे। इसी कारण जिले में गोल्डन कार्ड बनाने की प्रगति बहुत खराब है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि योजना के तहत पंजीकृत लाभार्थियों से कार्ड बनवाने की अपील के बाद भी लोग इस योजना का हिस्सा बनने से किनारा कसे हैं।
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20 हजार मरीजों को मिला 12 करोड़ का इलाज
जन आरोग्य योजना आयुष्मान के तहत अब तक जिले में 20,529 मरीजों का विभिन्न अस्पतालों में नि:शुल्क इलाज हो चुका है। इन लाभार्थियों के इलाज पर करीब 12 करोड़ रुपया का खर्च आया। इसमें दस हजार से अधिक लाभार्थियों को निजी अस्पताल में भी बेहतर इलाज की सुविधा मिली।
32 अस्पतालों में मिल रही मुफ्त इलाज सुविधा
जिले के 19 सरकारी व 13 निजी अस्पतालों समेत कुल 32 अस्पतालों को योजना के तहत सूचीबद्ध किया गया है। जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, रेलवे अस्पताल समेत व सभी 16 सामुदायिक केंद्रों पर गोल्डन कार्डधारकों का इजाल हुआ है। वहीं निजी अस्पतालों में सतीश चंद्र पांडेय मेमोरियल हॉस्पिटल, ज्ञायत्री हॉस्पिटल, अवध हॉस्पिटल, आशादेव हॉस्पिटल, कृष्णा हॉस्पिटल व आरएन पांडेय हॉस्पिटल, कस्तूरी हॉस्पिटल, सनराइज हॉस्पिटल, गोनार्द हास्पिटल एंड ट्रामा सेंटर, अरुनिशा आई केयर एंड आयुर्वेदिक सेंटर, सद्भावना हॉस्पिटल एवं सुधा न्यूरो सेंटर शामिल है।
आयुष्मान भारत योजना में चयनित लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाने के लिए नियमित तौर पर शिविर का आयोजन किया जा रहा है। अस्पतालों में मरीजों की सुविधा के लिए आरोग्य मित्र की नियुक्ति भी की गई है। यदि किसी मरीज का सूची में नाम होने के बावजूद कार्ड नहीं बना है तो आरोग्य मित्र कार्ड बनाकर इलाज करवाने में मदद करता है। अब तक इस योजना के तहत 20,529 लाभार्थियों का नि:शुल्क इलाज किया जा चुका है।
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- डॉ. राधेश्याम केसरी, सीएमओ
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