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तापमान 37 के पार, हैंडपंप मरम्मत को प्यासे, टोटियां उदास

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फोटो-6 गोंडा के रोडवेज बस स्टाप पर खराब पड़ा हैंडपंप। -संवाद - फोटो : GONDA
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गोंडा। मार्च माह में गर्मी मई-जून का अहसास कराने लगी है। सूरज ने तेवर इस तरह तल्ख हैं कि दोपहर में घर से निकलना मुश्किल होता जा रहा है। मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, और लोगों को बार-बार प्यास सताने लगी है। हालात ऐसे में हैं कि दो घूंट स्वच्छ पानी मिलना मुश्किल हो रहा है। लोगों की प्यास बुझाने को लगाई गई टोटियां सूखी हैं, वहीं हैंडपंप खुद मरम्मत के प्यासे हैं। ऐसे में प्यास बुझाने का बस एक आसान तरीका है कि अपनी जेब ढीली करिए और पानी की बोतल लेकर अपनी प्यास बुझा लीजिए। शहर के जिला अस्पताल में लगी टोटियों में बूंद-बूंद कर पानी आ रहा तो रोडवेज परिसर में लगे हैंडपंप का हलक खुद ही सूखा है। यहीं हाल महिला अस्पताल में लगे वॉटर कूलर का है। ऐसे में संपन्न लोग तो किसी तरह पानी खरीद कर अपनी प्यास बुझा ले रहे हैं, लेकिन रिक्शा चालक, राहगीर, मजदूर एवं अन्य गरीब तबके के लोगों को प्यास बुझाने के लिए काफी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
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दस हैंडिल मारने पर भी नहीं निकला पानी
- इटियाथोक से आए मातादीन प्यासे कचहरी की तरफ बढ़ रहे थे। रास्ते में सिंचाई विभाग के सामने एक सरकारी हैंडपंप दिखा तो गला तर करने के प्रयास में वहां पहुंचे लेकिन दस हैंडिल मारने के बाद भी दो घूंट पानी नहीं निकल सका। जिला अस्पताल में अपने पिता का इलाज कराने आए सुखदेव ने बताया कि यहां भी शुद्ध पेयजल की बहुत किल्लत है। इमरजेंसी गेट के बगल लगी चार टंकियों में से सिर्फ एक में पानी आ रहा है। गंदगी होने से पानी खरीद कर पीना पड़ा। पेयजल का समुचित प्रबंध होना चाहिए, लेकिन यहां लगी टोटियों के हलक खुद ही सूखे हैं। रोडवेज बस स्टाप पर बस का ही इंतजार कर रहे सिद्धार्थ मिश्र ने कहा कि यहां पेयजल का पर्याप्त इंतजाम होना चाहिए। केवल एक टोटी से पानी आ रहा है जोकि मुसाफिरों की प्यास बुझाने के लिए नाकाफी हैं। पेयजल का उचित प्रबंध होना जरूरी है। परिवहन विभाग को पानी का इंतजाम सुनिश्चित करना चाहिए, जिससे गरीब तबके के लोगों की प्यास बुझ सके जिन्हें पानी खरीद कर पी पाना मुश्किल है।
28 पंप से होती पानी की आपूर्ति
नगर पालिका परिषद ने शहर के सभी 27 वार्डों के मोहल्लों में जलापूर्ति के लिए 12 ओवरहेड टैंक बना रखे हैं। इन ओवरहेड टैंक से पानी की आपूर्ति के लिए 28 पंप लगाए गए हैं। जिनसे जलापूर्ति का दावा किया जाता है। बिजली कटौती होने पर जनरेटर के सहारे जलापूर्ति की जाती है।
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535 स्टैंडपोस्ट चालू तो 325 हैंडपंप में अधिकांश खराब
शहर के गली मोहल्लों समेत प्रमुख चौराहों के पास जाना आम शहरियों के साथ ही बाहर से आने वाले लोगों को गर्मी के समय में पानी आसानी से मिल सके। इसके लिए 535 स्टैंडपोस्ट लगाए गए हैं। जो चालू हालत में हैं। मगर 325 हैंडपंप में से अधिकांश खराब हैं। हालांकि नगरपालिका परिषद के अधिकारियों को दावा है कि हैंडपंप सही हैं। कुछेक स्थानों पर लगे हैंडपंप खराब हैं। जिन्हें ठीक कराया जा रहा है।
बजट ही नहीं तो कैसे होगी हैंडपंपों की मरम्मत
शहर के 27 वार्डों के गली मोहल्लों समेत प्रमुख चौराहों के समीप लगे हैंडपंप को ठीक कराने के लिए नगर पालिका के पास बजट ही नहीं है। गर्मी की शुरुआत हो गई है। मगर हैंडपंपों की मरम्मत हो पाना संभव नहीं है। खराब हैंडपंपों से पानी निकाल पाना मुश्किल हो गया है।
शहर के 27 वार्डों में लगे स्टैंड पोस्ट से पानी की आपूर्ति की जा रही है। 525 हैंडपंपों में से कुछ खराब हैं। बजट की मांग की गई है। बजट मिलते उन्हें भी चालू करा दिया जाएगा। वार्डों में आपूर्ति के लिए 28 पंप चालू हैं। इन पंपों से 12 ओवर हेडटैंकों को फुल करके जलापूर्ति की जा रही है। अजय कुमार मिश्र, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद गोंडा
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