गोंडा। हलषष्ठी व्रत बृहस्पतिवार को महिलाएं रखेंगी। प्रत्येक घर में पूजन होगा। इसके लिए बुधवार को पूरे दिन खरीदारी का सिलसिला चला। संतान की दीर्घायु के लिए माताएं हलषष्ठी व्रत रखती हैं।
इस दिन माताएं छठी मैया का पूजन करके संतान के दीर्घायु की कामना करती हैं। व्रत के लिए बाजार में महुआ, पलाश के पत्ते और कुश की बिक्री हुई। वहीं महुआ के साथ तिन्नी के चावल भी खूब बिके। व्रती महिलाएं तिन्नी चावल और महुआ का सेवन करती हैं। कई लोग इसे हलछठ भी कहते हैं। मान्यता है कि इस व्रत में महिलाएं जोती व बोई गई चीजें नहीं खाती हैं।