पसका। 84 कोसी परिक्रमा के दौरान साधु-संतों और श्रद्धालुओं के तीन अलग-अलग जत्थे बृहस्पतिवार को जनपद के विभिन्न पड़ावों पर पहुंचे। गयादास महाराज के नेतृत्व में तीसरा जत्था घाघरा नदी पार कर दुलारे बाग पहुंचा। ग्रामीणों ने पुष्पमाला पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया। गयाशरण महाराज की अगुवाई में दूसरा जत्था सीताराम का जप करते हुए जंबूद्वीप पहुंचा।
यहां बाबा मोहनदास त्यागी के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया। गयाशरण महाराज ने बताया कि शुक्रवार को जत्था अगले पड़ाव के लिए प्रस्थान करेगा। इधर, सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में पहला जत्था गोस्वामी तुलसीदास जी की जन्मस्थली राजापुर पहुंच गया। यहां रात्रि विश्राम के बाद परिक्रमार्थी शुक्रवार को बखरिया के लिए रवाना होंगे। परिक्रमा मार्ग प्रभु श्रीराम के जयघोष से पूरी तरह भक्तिमय हो गया है।
मन को मिल रही शांति
अयोध्या के अजय शरण पहली बार परिक्रमा कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसे कर मन को अब असीम शांति मिल रही है। बिहार की चंपा देवी चार लोगों के साथ आई हैं। उन्होंने बताया कि प्रभु कृपा से इस उम्र में यात्रा बहुत सुखद है। राजस्थान की सीमा तीसरी बार परिक्रमा में शामिल हुई हैं। उनके अनुसार यह तीर्थयात्रा भक्त को प्रभु चरणों में समर्पित करने का एक महायज्ञ है। अयोध्या के श्यामसुंदर शरण महाराज छठी बार आए हैं। उन्होंने कहा कि परिक्रमा जात-पात से ऊपर उठकर सामाजिक समरसता को बढ़ावा देती है।
एसडीएम को मिली पेयजल की समस्या
एसडीएम करनैलगंज नेहा मिश्रा ने जंबूद्वीप में गयाशरण महाराज और तुलसीधाम में सुरेंद्र सिंह से सुविधाओं की जानकारी ली। जंबूद्वीप में पानी की कमी पर एसडीएम ने ईओ परसपुर को तत्काल टैंकर भेजने का निर्देश दिया। उन्होंने महंत मोहनदास त्यागी और डॉ. स्वामी भगवदाचार्य से चर्चा कर नवनिर्मित मंदिर व पर्यटन स्थल का निरीक्षण भी किया।