गोंडा। वृंदावन के प्रसिद्ध प्रवाचक कौशिक जी महाराज ने गो रक्षा को राष्ट्र और सनातन धर्म की सुरक्षा से जोड़ते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि गाय को राष्ट्रमाता घोषित किया जाना चाहिए और सरकार गाय के दूध व गोमूत्र को सम्मानजनक एवं उचित मूल्य पर खरीदे। गो रक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। लोगों को भैंस पालन के बजाय गो पालन को अपनाना चाहिए, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी।
शहर के आरएन पांडेय हॉस्पिटल में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि आज हिंदू समाज खतरे में है। गोवध पर चिंता जताते हुए कौशिक जी महाराज ने कहा कि यह पूरे समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय है। ऐसा सख्त कानून लाया जाए, जिससे गोवध पर पूर्ण प्रतिबंध लगे और सभी बूचड़खाने तत्काल बंद किए जाएं। धन कमाने के लिए गोमांस बेचना पूरी तरह गलत है और जीव हत्या से अर्जित धन से किया गया विकास स्वीकार्य नहीं हो सकता।
उन्होंने सरकार से गोशालाओं के लिए अलग से विशेष विभाग बनाने की मांग की ताकि गायों की बेहतर देखभाल हो सके, क्योंकि वर्तमान में कई गोशालाओं में अव्यवस्थाओं के कारण गोवंश की जान जाने की बातें सामने आ रही हैं।
उन्होंने दावा किया कि वह गाय का दूध व गोमूत्र का सेवन करते हैं, इसलिए बिल्कुल स्वस्थ हैं। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यूजीसी के माध्यम से सनातन धर्म को कमजोर करने का प्रयास किया गया है। देश तभी मजबूत होगा जब चारों वर्णों में समानता और आपसी समन्वय रहेगा, लेकिन वोट बैंक की राजनीति देश को कमजोर कर रही है। लव जिहाद के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इसमें सबसे बड़ी जिम्मेदारी माता-पिता की है। उन्हें अपने बच्चों को सही संस्कार देने चाहिए, ताकि वे भ्रमित न हों। इसके बाद उन्हाेंने कथा में श्रद्धालुओं को शिव की महिमा के बारे में बताया। कार्यक्रम में डॉ. राजेश पांडेय, दीनदयाल शोध संस्थान के सचिव रामकृष्ण तिवारी, रमापति शुक्ल आदि मौजूद रहे।