गोंडा। आपूर्ति विभाग एक बार फिर कटघरे में खड़ा हो गया है। जिलाधिकारी ने दो ब्लाकों के सरकारी गोदामों पर शिकंजा तो कसा है, लेकिन कोटे की दुकानों पर खेल जारी है। यहां तक की राशन कार्ड जारी करने में विभाग के लोग हाथ की सफाई दिखा रहे हैं।
गैर प्रदेशों में रहने वालों का राशन कार्ड जारी कर दिया गया है और उन्हें राशन भी दिया जा रहा है। इसका खुलासा विभाग के पोर्टल से होने के बाद खलबली मची है। आधार लिंक से लगातार हो रही घपलेबाजी सामने आ रही है। फिलहाल विभाग अभी हर बिंदु की पड़ताल करने में जुटा है।
आपूर्ति विभाग में आम लोगों को राशन कार्ड बनवाने के लिए पापड़ बेलने पड़ सकते हैं, लेकिन जो पात्र नहीं है उनका राशन कार्ड जारी हो जाता है। बीते दिनों आधार लिंक से बड़ा खेल उजागर हुआ और करीब 593 ऐसे राशन कार्ड धारकों का नाम उजागर हुआ, जिन्होंने सरकारी गल्ले की दुकान से राशन लेकर क्रय केंद्रों पर बेंच दिया।
करीब नौ करोड़ के सरकारी राशन की बिक्री के मामले में कार्रवाई चल रही है। अभी इसका मामला चल ही रहा था कि 19600 से अधिक लोगों का मामला सामने आया है। दूसरे प्रदेशों में रह रहे और वहां भी राशन कार्ड बनवाकर सरकारी योजना का लाभ उठा रहे लोगों को राशन कार्ड जारी कर दिया गया।
यही नहीं उन्हें गरीबों के लिए आया राशन भी दिए जाने का मामला सामने आया है। विभाग की ओर से की गई जांच में यह मामला सामने आने पर खलबली मची है। बताया जा रहा है कि जब यह लोग दूसरे प्रदेशों और जिलों में रह रहे हैं तो आखिर उनका राशन कौन ले रहा है।
राशन कार्ड का उपयोग कौन कर रहा है। आशंका जताई जा रही है कि इन राशन कार्डों के आधार पर सरकारी गल्ले की दुकानों पर राशन के कालाबाजारी का खेल भी हो सकता है। फिलहाल विभाग की ओर से इसकी भी जांच शुरू करा दी गई है।
जिले में खाद्यान्न घपले के लिए बहुचर्चित वजीरगंज और बेलसर ब्लाक के गोदामों पर जिलाधिकारी की सीधी नजर है। जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने दोनो गोदामों पर सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए हैं और उनको सीधे अपने कार्यालय से जोड़ दिया है।
इसके साथ ही डिप्टी आरएमओ कार्यालय से भी इन गोदामों की निगरानी होगी। वजीरगंज गोदाम पर घपले के बाद तत्कालीन डीएम समेत कई अफसरों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। माना जा रहा है कि इन गोदामों पर बाहरी लोगों का अपना वर्चस्व है और वह हेराफेरी करते हैं। बाद में अफसरों की मुश्किलें भी बढ़ जाती है।