गोंडा। क्षय रोगियों को बेहतर इलाज देकर स्वस्थ करने के मामले में गोंडा प्रदेश के टॉपटेन जनपदों की सूची में शामिल किया गया है। प्रदेश में टीबी को हराने में बेहतर प्रदर्शन के लिए 24 मार्च को जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी व जिला क्षय रोग अधिकारी को सम्मानित किया जाएगा। वहीं जिले को राष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मानित किए जाने की कवायद चल रही है जिसके लिए केंद्रीय टीम सर्वे कर रही है।
क्षय रोग उन्मूलन अभियान के तहत किए गए प्रयासों के कारण जिले के 28 हजार रोगियों ने टीबी को शिकस्त दे दी। टीबी मरीजों के संदर्भ में स्वास्थ्य विभाग की ओर से पेश किए गए आंकड़ों की हकीकत जानने के लिए केंद्रीय टीम सोमवार से टीबी मरीजों के घर जाकर सर्वे कर रही है।
जिले में लगातार टीबी मरीजों के स्वस्थ होने की संख्या में इजाफा हो रहा है। वर्ष 2015 से अब तक जिले में टीबी के 35 हजार मरीज मिल चुके हैं। इनमें से अब तक 28 हजार का इलाज कराया जा चुका है। इसके अतिरिक्त राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा से टीबी मरीजों को गोद लेकर कई सामाजिक संस्थाएं उन्हें पोषण सामग्री उपलब्ध करा रही हैं। ऐसे में भारत सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर अवार्ड के लिए दस जिलों का चयन किया है। इन जिलों में अब तक की योजनाओं का परीक्षण किया जाएगा।
आइसीएमआर एनआइआरटी चेन्नई, डब्ल्यूएचओ इंडिया के सहयोग से होने वाले परीक्षण के लिए सोमवार को केंद्रीय टीम के डॉ. उमर अकील व डॉ. के किरन जिले में पहुंचे जो अब टीबी मरीजों की जमीनी हकीकत पता करेंगे।
टीबी क्लीनिक में जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ. विवेक शरण ने बताया कि केंद्रीय टीम के सहयोग के लिए जिल स्तरीय तीस सदस्यीय टीम बनाई गई है। जो टीम के साथ टीबी हो हराने वाले मरीजों के घर जाकर उनसे विभिन्न बिंदुओं पर पूछताछ करेगी। यह टीम विभागीय आंकड़ों के साथ ही अन्य बिदुओं पर जांच करेगी। इसके आधार पर जिले का चयन राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान के लिए किया जाएगा।