गोंडा। केंद्र सरकार के आम बजट में जिले की कई परियोजनाओं को लाभ मिलेगा। सभी ब्राडगेज रेलवे लाइनों के विद्युतीकरण का लाभ गोंडा-बहराइच वासियों को भी मिलेगा। इसके अलावा स्वस्थ भारत के तहत जिला अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण किया जाएगा जिसका फायदा जिले के 40 लाख लोगों को होगा।
जिले में मेडिकल कालेज निर्माण को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। जिला अस्पताल को उच्चीकृत करने की योजना शुरू है। केंद्रीय बजट में क्रिटिकल केयर यूनिट स्थापना की व्यवस्था की गई है।
इसमें गोंडा को भी लाभ मिलेगा। जिला अस्पताल में यूनिट स्थापित होने से इसका फायदा जिले के 40 लाख लोगों को मिलेगा। केंद्रीय आम बजट में 2023 तक सभी ब्राडगेज रेल लाइनों का इलेक्ट्रीफिकेशन करने की व्यवस्था की गई है। गोंडा-गोरखपुर वाया बस्ती का बहुत पहले ही विद्युतीकरण हो चुका है।
गोंडा-गोरखपुर वाया बलरामपुर का विद्युतीकरण चल रहा है। केवल गोंडा-बहराइच रूट ही बचा है जिसका विद्युतीकरण होना है। इस बजट से गोंडा-बहराइच रेल रूट का विद्युतीकरण होगा। जिससे बहराइच से गोरखुपर व आगे की ओर ट्रेनों को सीधे जाने का मौका मिलेगा। गोंडा में 93 इलेक्ट्रिक इंजनों का डिपो भी बनकर तैयार हो गया है।
केंद्रीय बजट में इस बार कबाड़ योजना पर जोर दिया गया है। इसमें कामर्शियल वाहनों को 15 साल तथा निजी वाहनों को 20 साल तक चलाने की अनुमति होगी। जिले में 15 साल से ऊपर के 427 वाहन कामर्शियल के संचालित हैं। ये कबाड़ घोषित किए जाएंगे, जबकि 20 साल से अधिक 18145 मोटरसाइकिल व 1867 कारों की आयु हो चुकी है। ये भी कबाड़ घोषित किए जाएंगे।
जिले में 75 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों की संख्या लाखों में है, लेकिन टेजरी से पेंशन लेने वाले 332 बुजुर्ग ही हैं जिन्हें आयकर रिटर्न भरने की छूट दी गई है। इसके अलावा आयकर में किसी प्रकार की छूट नहीं दी गई है। इससे लोगों में निराशा भी दिखी। यदि आयु सीमा 70 साल होती तो हजारों में पेंशनधारकों को इसका लाभ मिलता।
केंद्रीय बजट में सड़कों के निर्माण पर अधिक जोर दिया गया है। अभी 15 दिन पहले ही जिलाधिकारी की ओर से व सांसदों की ओर से अयोध्या-गोंडा मार्ग को एनएचआई में शामिल कर फोर लेन निर्माण के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा था। एनएचआई की सड़कों के विस्तार में अयोध्या-गोंडा व डीएमबी यानि दर्जीकुआं-मनकापुर-बभनान मार्ग को मौका मिलने की उम्मीद है। इससे सड़कों का चौड़ीकरण होगा और गोंडा अयोध्या के मध्य की दूरी भी कम होगी। वैसे भी तरबगंज तहसील का आधा हिस्सा अयोध्या विकास प्राधिकरण में शामिल किया गया है।