गोंडा। मई-जून महीने में प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में गड़बड़ी पैदा करने वाले संभावित डुप्लीकेट वोटरों के पंजीकृत के मामले में जिला सबसे आगे है। सत्यापन व फीडिंग में जिले की रैंकिंग मंडल में सबसे पीछे है। इस कारण जिला प्रदेश के सबसे पिछड़े रैंकिंग में सिमट गया है। 20 फरवरी तक सभी जांच-पड़ताल व फीडिंग की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
देवीपाटन मंडल के चारों जिलों में से गोंडा में सबसे अधिक 10.04 लाख संभावित डुप्लीकेट मतदाता चिह्नित किए गए हैं। सत्यापन के लिए बीडीओ को नोडल अधिकारी बनाया गया है और एसडीएम स्तर से निगरानी की व्यवस्था की गई है। इसके लिए बीएलओ व अन्य कर्मियों को घर-घर जाकर जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मतदाताओं के आधार के अंतिम चार अंक जुटाकर तहसील स्तर पर फीडिंग की जानी है। मगर दो फरवरी तक जिले में मात्र 9,717 मतदाताओं की ही जांच कर फीडिंग हो सकी। इनमें 7,462 मतदाता पात्र पाए गए, जबकि 1,755 नाम सूची से हटाए गए। अधिकारियों का दावा है कि शुद्ध मतदाता सूची तैयार करने के लिए प्रक्रिया तेज की जा रही है।
एडीएम आलोक कुमार ने बताया कि डुप्लीकेट मतदाताओं की जांच के लिए सभी तहसीलों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। फीडिंग का काम लगातार चल रहा है। हमारा लक्ष्य है कि पात्र मतदाताओं का नाम सूची में बना रहे और अपात्र नाम पूरी तरह हटाए जाएं। 20 फरवरी तक प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
मंडल में बलरामपुर सबसे अव्वल
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से जारी सूची में बलरामपुर में जहां 5.07 लाख संभावित डुप्लीकेट मतदाता हैं। इसमें से 62,168 मतदाताओं का सत्यापन किया गया। जहां 54,598 मतदाता पात्र पाए गए हैं। 7,570 फर्जी नाम सूची से हटाए गए हैं। इसी तरह से बहराइच जिले में 8.88 लाख संभावित डुप्लीकेट मतदाता हैं। इसमें 18,468 मतदाताओं की जांच हुई। 17,160 मतदाता पात्र पाए गए। जबकि 1,308 मतदाता फर्जी तरीके से सूची में पंजीकृत थे। श्रावस्ती जिले में जहां 1.96 लाख संभावित डुप्लीकेट मतदाता पंजीकृत थे। इसमें कुल 2,383 मतदाताओं की जांच हुई। 2,067 मतदाता पात्र पाए गए। जबकि 316 मतदाता डुप्लीकेट पाए गए हैं।
प्रदेश में मंडल की स्थिति
जिला- रैंक
बलरामपुर-11
बहराइच-48
श्रावस्ती-59
गोंडा- 66
(आंकड़ा दो फरवरी 2026 तक का है)