गोंडा। मेडिकल कॉलेज के पीआईसीयू में भर्ती झटके वाले बुखार से पीड़ित बालिका जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) से ग्रसित मिली है। जांच रिपोर्ट आने के बाद सोमवार को बालिका को लखनऊ रेफर कर दिया गया। इस बालिका के साथ जेई के अब तक मिले मरीजों की संख्या पांच पहुंच गई है।
बलरामपुर के उतरौला के महुआ बाजार निवासी चार वर्षीय इजा को चार सितंबर को मेडिकल कॉलेज के पीआईसीयू में भर्ती कराया गया। उसे तेज बुखार के साथ झटके आ रहे थे। शनिवार को जेई की जांच के लिए सैंपल दिया गया। सोमवार को आई रिपोर्ट में इजा के जेई पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई।
पीआईसीयू प्रभारी डॉ. आफताब आलम ने बताया कि मरीज को कई निजी अस्पतालों में दिखाने के बाद गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज लाया गया था। सोमवार को उसे लखनऊ के लिए रेफर किया गया है। जिला मलेरिया अधिकारी एसजेडए जैदी ने बताया कि पीआईसीयू के आसपास निरोधात्मक कार्रवाई कराई जाएगी। वार्ड में भर्ती अन्य बच्चों की नए सिरे से बुखार व जेई की जांच कराई जाएगी। इस वर्ष जनवरी से अब तक जेई के कुछ पांच केस मिले हैं।
जापानी इंसेफेलाइटिस के लक्षण
- तेज बुखार आना, गर्दन में अकड़न होना।
- तेज सिर दर्द होना तथा घबराहट होना।
-ठंड के साथ कंपकंपी आना व कभी-कभी अचेत हो जाना।
- सांस लेने में दिक्कत होना व उल्टी होना
जापानी इंसेफेलाइटिस से बचाव
- मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें।
- तरल पदार्थों व पानी का पर्याप्त सेवन करें।
- लक्षण नजर आएं तो खुद से दवा न लें, तत्काल डॉक्टर की परामर्श लें।
- अपने घर के आसपास सफाई रखें, जलभराव न होने दें।