गोंडा। साइबर ठगी के एक मामले की जांच में गोंडा से जम्मू और झारखंड तक तार जुड़ते दिखाई दे रहे हैं। खरगूपुर के एक युवक के बैंक खाते में इन राज्यों में हुई साइबर ठगी की रकम भेजी गई थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी की रकम खाते में कैसे पहुंची और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।
सेवरही सेवरहा गांव निवासी दिवाकर शुक्ल का केनरा बैंक की स्टेशन रोड शाखा में खाता है। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर मिली शिकायतों की जांच में पता चला कि जम्मू के कौशल कुमार दत्ता और झारखंड के रांची निवासी ललित कुमार की शिकायतों से जुड़े संदिग्ध लेनदेन में इस खाते का इस्तेमाल हुआ था। दोनों मामलों में कुल 5.09 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस आरोपी दिवाकर शुक्ल को जेल भेज चुकी है। अब खाते के जरिये हुए लेनदेन और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।
एएसपी अजीत कुमार रजक ने बताया कि गृह मंत्रालय के पोर्टल और डिजिटल इंटेलिजेंस से मिली सूचनाओं के आधार पर जांच की गई थी। इसके बाद खरगूपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई। जम्मू और झारखंड से जुड़े मामलों में खाते के जरिये हुए लेनदेन की कड़ियां खंगाली जा रही हैं।
म्यूल खातों से ठगी की रकम का लेनदेन
साइबर अपराधी ठगी की रकम को एक खाते से दूसरे खाते में भेजने के लिए म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल करते हैं। कई मामलों में लोगों को लालच देकर उनके बैंक खाते, पासबुक और एटीएम कार्ड हासिल कर लिए जाते हैं। इसके बाद इन खातों के जरिये ठगी की रकम का लेनदेन किया जाता है।
गोंडा में 23 मई को पुलिस ने एक अंतरराज्यीय गिरोह के नौ लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, गिरोह ने विभिन्न बैंक खातों में ठगी के 14.87 करोड़ रुपये का ऑनलाइन लेनदेन किया था। वहीं, अगस्त में 5.23 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में गिरफ्तार आरोपियों के पास से अलग-अलग लोगों के नाम के आधार और पैन कार्ड बरामद हुए थे।