निरीक्षण करते जिला कृषि अधिकारी।
गोंडा। अब काला नमक धान की खुशबू से पूरा जिला महकेगा। पहली बार 103 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विभागीय निगरानी में काला नमक धान की व्यावसायिक खेती शुरू होगी। कृषि विभाग ने किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के लिए 30 क्विंटल प्रमाणित बीज तैयार किए हैं।
जिला कृषि अधिकारी सीपी सिंह ने बताया कि राजकीय कृषि परिक्षेत्र कस्टुआ (मोतीगंज) व मनकापुर के लक्ष्मणपुर में ‘पूसा नरेंद्र काला नमक-1’ प्रजाति का बीज तैयार किया गया है। यह बीज जिले के सभी 16 राजकीय बीज भंडारों के माध्यम से किसानों को वितरित किया जाएगा। काला नमक धान की खेती में उर्वरकों की आवश्यकता बहुत कम होती है। किसान ढैंचा और गोबर की खाद का अधिक उपयोग कर सकते हैं, जिससे उत्पादन लागत भी घटेगी।
उन्होंने बताया कि काला नमक धान को जीआई (जियोग्राफिकल इंडिकेशन) टैग मिलने के बाद इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है। इससे निर्यात और प्रीमियम बाजार में इसकी मांग बढ़ी है। नई किस्मों के विकास से उत्पादन भी बेहतर हुआ है। अब यह कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध है, जिससे देश-विदेश में इसकी पहुंच आसान हो गई है।
किसानों को मिलेगी बेहतर कीमत
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि असली काला नमक धान 120 से 130 रुपये प्रति किलो तक बिकता है। विभागीय स्तर पर अब जीआई टैग के तहत किसानों के घर से ही इसकी सीधी खरीद की जाएगी, ताकि उन्हें बाजार की परेशानियों का सामना न करना पड़े। इस पहल से गोंडा जिले में काला नमक धान की खेती को नई पहचान मिलने की उम्मीद है और किसानों को बेहतर मुनाफा मिलेगा।