गोंडा के बालपुर में टेढी नदी के पानी में डूबी फसल।
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गोंडा। लगातार हो रही बरसात के कारण टेढ़ी नदी उफान पर है। नदी के कछार में हजारों बीघा धान, मक्का, अरहर, तिल, उर्द तथा गन्ने की फसल पूरी तरह से डूब गयी है। टेढ़ी नदी बहराइच के चित्तौड़ झील से निकलकर रामापुर, कटरा बाजार, हलधरमऊ, परसपुर, तरबगंज, नबाबगंज होते हुए अयोध्या के सरयू नदी में जाकर मिल जाती है।
नदी के किनारे बसे सैकड़ों गांव के किसानों की नदी के कछार में खेती योग्य भूमि है। लेकिन नदी के छिछली होने के कारण पानी किसानों के खेतों की फसल प्रति वर्ष डूब जाती है। जिससे किसानों की फसल डूब कर बर्बाद हो जाती है।
सरकार ने वित्तीय वर्ष 2019-20 में नदी के किनारे बसे गांव के प्रधान को मनरेगा से नदी की सफाई के लिए आदेश पारित किया था ताकि नदी का पानी किसानों के खेत में न जाये। नदी तो साफ नहीं हुई लेकिन नदी के किनारे के गांव पंचायत के प्रधान मालामाल हो गये।
किसान अनिल उपाध्याय ने बताया कि एक हेक्टयर फसल डूब गयी है। साथ ही तिवारी पुरवा, भुलभुललिया, फतेहपुर, धानी, बालपुर, सहित अन्य किसान की सैकड़ों बीघा फसल डूब गयी है। साथ ही लाल जी, अनिल कुमार, मनोज कुमार, सुरेंद्र उपाध्याय, केशरी, शेर सिंह सहित अन्य किसानों ने मुआवजा की मांग किया है।