गोंडा। देवीपाटन मंडल में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत किस्त दर किस्त लाभार्थी घट गए। मंडल में 10 लाख किसानों को पहली किस्त दी गई, वहीं चौथी किस्त में सिर्फ एक लाख 32 हजार किसानों को इस योजना में भुगतान किया गया। किसान सम्मान निधि योजना में पंजीकरण के दौरान हुई त्रुटि का खामियाजा मंडल के किसानों को भुगतना पड़ रहा है। खतौनी व आधार से नाम मिलान न होने व पंजीकरण न हो पाने के कारण मंडल के करीब पांच लाख किसानों को इस योजना में लाभ नहीं मिल पा रहा है।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की। फरवरी 2019 के केंद्रीय बजट के दौरान मोदी सरकार ने इस योजना की घोषणा की। इस योजना के तहत साल में तीन किस्तों में छह हजार रुपये भुगतान किया जाना है। देवीपाटन मंडल के चारों जिलों में अब तक 10 लाख किसानों को इस योजना के तहत लाभ दिया जा चुका है। गोंडा में चार लाख 71 हजार किसानों का पंजीकरण किया गया जिसमें से पहली किस्त तीन लाख 50 हजार, दूसरी किस्त तीन लाख 10 हजार, तीसरी क़िस्त दो लाख 70 हजार व चौथी किस्त केवल 65 हजार किसानों को भुगतान किया गया है।
बलरामपुर जिले में पहली किस्त दो लाख, दूसरी किस्त एक लाख 95 हजार, तीसरी एक लाख 62 हजार व चौथी किस्त 37 हजार किसानों को दी गई है। बहराइच जिलें में पहली किस्त तीन लाख 29 हजार, दूसरी किस्त दो लाख 87 हजार, तीसरी किस्त दो लाख 39 हजार व चौथी क़िस्त 19 हजार किसानों को दिया गया है। श्रावस्ती जिले में पहली किस्त एक लाख 12 हजार, दूसरी क़िस्त 95 हजार, तीसरी क़िस्त 78 हजार व चौथी क़िस्त 10 हजार किसानों को भुगतान किया गया।
मंडल के चारों जिले में पहली किस्त नौ लाख 95 हजार किसानों दी गई, लेकिन चौथी किस्त अभी एक लाख 32 हजार किसानों को दी गई है। इस योजना में किस्त दर किस्त लाभार्थी घटते चले गए। लाभार्थी किसानों का डाटा सही न होने के कारण लाभ नहीं दिया जा रहा है। किसी किसान का खाता नंबर, आईएफएससी कोड, आधार, खतौनी में नाम गलत होने के कारण योजना का लाभ नहीं मिल सका। डाटा में त्रुटि होने व किसानों का अभी पंजीकरण न होने के कारण मंडल के चारों जिले में करीब पांच लाख किसान योजना से वंचित हो गए हैं।
आधार व खतौनी में नाम मिलान न होने से रोक दी गई किस्त
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में शुरू में किसानों को तो पहली किस्त का भुगतान कर दिया गया, लेकिन बाद में आधार, खतौनी व बैंक पासबुक में नाम में अंतर होने के कारण आगे की किस्त रोक दी गई। डाटा फीडिंग में खतौनी के मुताबिक नाम फीड किया गया, लेकिन आधार से नाम नहीं मिलाया गया। इसका खामियाजा किसान भुगत रहे हैं। किसानों के मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से इसकी जानकारी दी जा रही है। उपकृषि निदेशक के यहां त्रुटि सुधारने का आवेदन भी लिया जा रहा है।
गोंडा में एक लाख किसानों को नहीं मिली एक भी किस्त
प्रधानमंत्री सम्मान निधि में तहसील प्रशासन ने लेखपाल के माध्यम से किसानों से आवेदन लिया और उसका सत्यापन कर किसानों का पंजीकरण कराया। जिन किसानों का डाटा पहले से कृषि विभाग के पास मौजूद था उन किसानों का डाटा भी सत्यापन कराया, लेकिन वेवसाइट पर डाटा फीडिंग के दौरान त्रुटि कर दी जिससे इस योजना से गोंडा जिले में एक लाख किसान को एक क़िस्त भी नहीं मिली। बेलसर ब्लॉक के जफरापुर निवासी किसान वीरेंद्र सिंह का बैंक खाता सही है, लेकिन आईएफएससी कोड गलत अंकित है जिससे इन्हें इस योजना में एक भी क़िस्त नहीं मिली।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में पंजीकरण के दौरान डाटा में हुई त्रुटि के कारण अगली किस्त का भुगतान शासन ने रोक दिया है। जिन किसानों ने त्रुटि सुधारने का आवेदन किया है, उनका सुधार कराया जा रहा है। जो किसान बच गए हैं वो किसी भी कार्यालय दिवस में आधार, खतौनी व बैंक पास बुक के साथ आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए अलग से काउंटर बनाया गया है। -मुकुल तिवारी, उप कृषि निदेशक