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शासन से पांच करोड़ का मिला बजट फिर भी कट गया बांध

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उमरी बेगमगंज (गोंडा)। तरबगंज के भिखारीपुर- सकरौर बांध की सुरक्षा के लिए प्रदेश सरकार की ओर से 4.92 करोड़ रुपये का बजट पहले ही दे दिया गया था। इस बजट से बांध के सुरक्षा के इंतजाम के लिए ड्रेजिंग का कार्य होना था। शासन ने कार्य की जिम्मेदारी बैराज यांत्रिक अनुरक्षण खंड कानपुर को सौंपी थी। अब सवाल यह उठता है कि सरकार की ओर से बांध की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम की अनदेखी किस स्तर से हुई। समय रहते अगर ड्रेजिंग का कार्य हो गया होता तो बांध सुरक्षित रहता है। विभाग के अधिकारी भी मानते हैं कि भिखारीपुर-सकरौर बांध में ऐलीपरसौली के पास कटान होना चौंकाने वाला। वहां ऐसी स्थिति नही होनी चाहिए, बांध कटने के बाद भी नदी की धारा नहीं मुड़ी। माना जा रहा है कि ड्रेजिंग का कार्य समय से पूरा न होने से सरयू नदी में उफान से मशीना ने बांध को काट दिया।
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भिखारीपुर-सकरौर बांध पर खतरा होने की भनक प्रदेश शासन को पहले ही मिल गई थी। संवेदनशीलता के साथ शासन ने बांध की सुरक्षा के लिए बजट भी दे दिया। विभाग की एक रिपोर्ट की मानें तो वित्तीय वर्ष 2020- 21 में सकरौर-भिखारीपुर बांध की सुरक्षा के लिए चैनलाइजेशन कार्य की परियोजना से ड्रेजिंग के लिए चार करोड़ 92 लाख रूपए की परियोजना स्वीकृत किया था। कार्य को शुरू दिखाते हुए रिपोर्ट में 45 श्रमिकों को बांध में लगाने का भी उल्लेख है और करीब 99 श्रमिकों से काम लिए जाने की बात कही गई है। कार्य पर एक करोड़ 65 लाख रुपये का खर्च भी दिखाया गया है। यह अलग बात है कि इस रिपोर्ट की जानकारी से जिले के अधिकारी इंकार कर रहे हैं। अधिक्षण अभियंता त्रयंबक त्रिपाठी कहते हैं कि यह परियोजना उनके निगरानी में नहीं आती है। इसका कार्य मैकेनिकल विभाग कराता है। ऐसे में उन्हें नही पता कि कार्य कितना हुआ है। अब सवाल यह है कि आखिर कानपुर के यांत्रिक विभाग की ओर से यह कार्य कब कराया गया और फिर बांध कट भी गया। इसके बाद सरकार को अतिरिक्त खर्च बांध को सुरक्षित करने के साथ ही गांवों की सुरक्षा के लिए रिंग बांध बनाने पर करना पड़ रहा है। इसे लेकर जिले में खासा चर्चा है।
कटान के बाद नदी की धारा के न मुड़ने से महसूस कर रहे हैं राहत
ड्रेजिंग कार्य सही समय से पूरा न होने के बाद बांध तो कट गया और नया रिंग बांध बन रहा है। रिंग बांध भी कट गया था, लेकिन फिर कार्य हो रहा है। रिंग बांध का कार्य करने में नदी की धारा कटान की ओर न मुड़ने और बहाव पर नियंत्रण होने से संभव हो पा रहा है। इससे सिंचाई एवं बाढ़ कार्य विभाग राहत महसूस कर रहा है। वहीं ड्रेजिंग के कार्य की परियोजना को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। यह परियोजना बांध की सुरक्षा के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दबी जुबान से विभाग के अधिकारी भी मानते हैं कि इससे बांध में कटान न होता।
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सुरक्षा के लिए बनाया जा रहा रिंग बांध
ड्रेजिंग की परियोजना मेरे विभाग से नहीं जुड़ा है, यह मैकेनिकल डिपार्टमेंट का है। भिखारीपुर-सकरौर बांध जहां कटा है उसे बारिश के बाद फिर बना दिया जाएगा। नदी की धारा कटाना की तरफ नही मुड़ी है। जिससे कोई समस्या नही है, रिंग बांध बनाया जा रहा है। -त्रयंबक त्रिपाठी, अधीक्षण अभियंता सिंचाई एवं बाढ़ खंड कार्य
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