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Gonda News: न्यायालय के आदेश पर जालसाजी व धोखाधड़ी की एफआईआर

Wed, 25 Feb 2026 11:30 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
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गोंडा। दुकान के मालिकाना हक को लेकर सीजेएम के आदेश पर कोतवाली नगर में कन्हैयालाल भारद्वाज व अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। ददुवा बाजार निवासी साकेत स्वरूप रस्तोगी और मोहन दास रस्तोगी ने न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र दिया। कहा कि ददुवा बाजार में अयोध्या के महाराजा जगदंबिका प्रताप सिंह की दुकानें थीं। इन दुकानों पर रमेश, दिनेश और हनुमान प्रसाद कौशल किरायेदार के रूप में रहते थे।
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महाराजा की एकमात्र पुत्री विमला देवी थीं, जिनके पुत्र विमलेंद्र मोहन और शैलेंद्र मोहन थे। महाराजा, उनकी पत्नी और पुत्री के निधन के बाद उन्होंने 8 अगस्त 2011 और 19 अगस्त 2011 को विधिक वारिसों से संपत्ति का बैनामा कराया। उन्होंने किरायेदारों से भी इकरारनामा कर कब्जा प्राप्त किया और तभी से संपत्ति का उपयोग कर रहे हैं। हाल ही में उन्हें पता चला कि रानी बाजार के चंद्रशेखर भारद्वाज ने 10 मार्च 1970 को राजा के जीवित रहते हुए भी फर्जी व्यक्ति से संपत्ति की फर्जी रसीद बनाई थी। यह रसीद 1000 रुपये की थी। चंद्रशेखर ने मरने से पहले कथित वसीयत से यह स्वामित्व अपने पुत्र कन्हैया लाल भारद्वाज को सौंप दिया। कन्हैया लाल भारद्वाज इसी फर्जी रसीद के आधार पर पीड़ितों के विरुद्ध मुकदमा कर रखे हैं।
14 नवंबर 2025 को इस मुकदमे की जवाबदेही में तथ्यों की पूरी जानकारी हुई। इस मामले में पीड़ितों को सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से नोटिस जारी किया गया था। हालांकि, पीड़ितों के स्वामित्व और कब्जे के कारण नोटिस की कार्यवाही वापस ले ली गई। इसके बाद उनको संपत्ति पर निर्माण की अनुमति मिली और उन्होंने निर्माण कार्य भी कराया। साकेत का कहना है कि कन्हैया लाल भारद्वाज की कथित रसीद कूटरचित है। यह पंजीकृत नहीं है। नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी का कहना है कि आरोपी कन्हैयालाल भारद्वाज और अन्य के खिलाफ जालसाजी व धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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