गोंडा। खाताधारक को एफडी की मैच्योरिटी राशि न देने के मामले में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने इंडियन बैंक पर 15 हजार का जुर्माना लगाया है। एक माह के अंदर बैंक को परिपक्वता तिथि से ब्याज समेत 1.68 लाख रुपये खाताधारक को अदा करना होगा।
सदर तहसील क्षेत्र के कस्बा धानेपुर पूरे बाबूरामपुरवा निवासी रमेशचंद्र ने अधिवक्ता रामहजारी वर्मा के माध्यम से जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में 18 नवंबर 2020 को परिवाद दाखिल किया था। इसमें बताया था कि 16 दिसंबर 2008 को इलाहाबाद बैंक (इंडियन बैंक) की शाखा धानेपुर में 50 हजार व 40 हजार रुपये की एफडी कराई थी। 16 दिसंबर 2015 को दोनों की परिपक्वता राशि 1.68 लाख रुपये मिलनी थी, लेकिन तिथि बीत जाने पर भी बैंक ने भुगतान नहीं किया।
आयोग के नोटिस पर बैंक प्रबंधक ने उत्तर पत्र दाखिल कर प्रतिवाद किया और कहा कि इलाहाबाद बैंक का इंडियन बैंक में विलय के समय कुछ तकनीकी कारणों से भुगतान प्रभावित हुआ है। मामले में निर्णय सुनाते हुए जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष रामानंद, सदस्य सुभाष सिंह व मंजू रावत ने पीड़ित के पक्ष में फैसला सुनाया।