नवाबगंज के साकीपुर चहलावा में कटान करती सरयू नदी। - संवाद
विश्नोहरपुर (गोंडा)। माझा क्षेत्र में फिलहाल अभी बाढ़ की स्थिति तो नहीं है, लेकिन मुख्य धारा से हटकर बह रही सरयू के तटवर्ती इलाके के लोगों की धड़कन तेज हो गई है। दत्तनगर के बाड़ी, साकीपुर के बाड़ी, चहलावा, शुक्लापुरवा माझा में तेजी से कटान हो रहा है। खेत पानी में समा रहे हैं। तमाम लोगों के आशियाने भी नदी के निशाने पर आ गए हैं।
शुक्ला पुरवा माझा के रामनोरथ कहते हैं कि दो बीघा खेत खाली पड़ा था। धान रोपाई की तैयारी में थे। अब खेत तक कटान हो रहा है। यही हाल चहलावा में है। रामजनम, रामचंदर, राजपलक, लाल बाबू की गन्ने व हरे चारे की फसलें नदी में समा रही हैं, लेकिन सभी बेबस होकर देखने के अलावा कुछ नहीं कर पा रहे। दत्तनगर के बाड़ी में अंबर व नंदलाल का छप्पर नदी के मुहाने पर आ गया है।
ढेमवा मार्ग पर जलभराव से आवागमन ठप है। दूध व खोवा के व्यापार के साथ ही नौकरीपेशा लोग लंबी दूरी तय करने को मजबूर थे। यहां अब नाव का संचालन शुरू होने से लोगों को राहत मिली है। मगर नाव पर क्षमता से अधिक लोग सवार होकर आवागमन कर रहे हैं। जो खतरे से खाली नहीं है।
खतरे के निशान से 99 सेंटीमीटर नीचे बह रही नदी
करनैलगंज में सरयू में लगातार पानी कम हो रहा है। जिससे कटान तेज हो रहा है। मंगलवार को जलस्तर 106.07 के सापेक्ष 105.08 मीटर पर स्थिर रहा। वहीं, 69 हजार क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा था। सरयू में घटते पानी से कटान का खतरा बढ़ जाता है। नदी तटीय इलाकों में कटान कर रही है।