गोंडा। जिले में मौसम ने एक बार फिर पलटी मारी है। शुक्रवार सुबह हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे मौसम सुहाना हो गया। करीब 10 बजे के बाद धूप खिली। बारिश के आसार से किसानों में खुशी नजर आई।
जिले में करीब एक लाख 57 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बोआई की गई है। दिसंबर व फरवरी में पर्याप्त ठंड न पड़ने के कारण किसानों को गेहूं की पैदावार प्रभावित होने का डर सता रहा है, लेकिन इसी बीच शुक्रवार सुबह बादल छा गए और हल्की बूंदाबांदी हुई। जिले के कुछ हिस्सों में तेज हवाएं भी चलीं।
इटियाथोक के किसान राम सुंदर तिवारी ने बताया कि इस बार गेहूं के लिए जरूरी ठंड व ओस नहीं पड़ी। इससे गेहूं के दाने कमजोर होने की संभावना है। यदि अभी हल्की सी बारिश हो जाए तो कल्लों में पानी भर जाएगा। आखिरी बार सिंचाई करने के बाद फसल बेहतर हो सकती है। दिन में धूप के बाद शाम को ठंड बढ़ गई।
बारिश से गेहूं को होगा फायदा, सरसों ढंकने का करें इंतजाम
जिला कृषि अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि यदि आगामी दिनों में बारिश होती है तो गेहूं को तो फायदा होगा, लेकिन अगैती खेती करने वाले किसानों की सरसों की फसल को नुकसान हो सकता है। गेहूं की दुग्धावस्था चल रही है, इस दौरान बारिश फायदेमंद हो सकती है। किसानों को सिंचाई नहीं करनी पड़ेगी। कल्लों में पानी भरने से दाना मोटा होगा। कई क्षेत्रों में सरसों पक गई है। जिसकी कटाई करने का समय आ गया है। किसान सरसों को ढंकने का इंतजाम कर लें। जल्द ही फसल को काटकर संरक्षित कर लें।