उमरीबेगमगंज (गोंडा)। जिले के गो आश्रय केंद्रों में संरक्षित पशुओं को चारा व पानी देने में लापरवाही व अनियमितता बरतने का मामला आया है। इस मामले में सचिव, ग्राम प्रधान, केयरटेकर समेत छह लोगों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
गो आश्रय केंद्र में अनियमितता की शिकायत के बाद डीएम नेहा शर्मा ने सीवीओ को जांच व कार्रवाई का निर्देश दिया था। एडीओ पंचायत ने आरोपों की पुष्टि के बाद रिपोर्ट दर्ज कराई है। प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि बेलसर के सहायक विकास अधिकारी रवि प्रकाश मिश्र की तहरीर पर पकवान गांव के प्रधान हरि प्रसाद, सचिव विमलेश कुमार, केयरटेकर के साथ ही ताराडीह ग्राम प्रधान भागीरथ, सचिव श्यामसुंदर और केयरटेकर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
जांच में पाया गया कि ग्राम पंचायत पकवान एवं ताराडीह में संचालित गो आश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों की देखभाल में अनियमितता व अव्यवस्था की गंभीर लापरवाही बरती गई थी। मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी ने भी गो आश्रय के संचालन में गंभीर लापरवाही पाई थी। जबकि गो आश्रम में संरक्षित गोवंश की देखभाल के लिए रोजाना 50 रुपये प्रति गोवंश की दर से धनराशि का भुगतान भी किया जाता है। केयरटेकर को अलग से 237 रुपये प्रतिदिन की दर से भुगतान किया जाता है। गो आश्रय स्थलों में भूसा, चारा एवं स्वच्छ पेयजल के अभाव व मृत गोवंश के निस्तारण में घोर लापरवाही सहित गंभीर अनियमितता व अव्यवस्था पाए जाने पर पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।