करनैलगंज (गोंडा)। बांग्लादेश में हिंदू धार्मिक स्थलों में तोड़फोड़, हिंदुओं व अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार को लेकर हिंदू संगठनों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। रामलीला भवन में सोमवार शाम को बड़ी संख्या में हिंदू संगठनों के लोगों ने एकजुट होकर बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार का विरोध जताया एवं जन आक्रोश रैली, विरोध प्रदर्शन व ज्ञापन देने से संबंधित रणनीति तैयार की।
संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा, कट्टरपंथियों का उद्देश्य बांग्लादेश को इस्लामी देश में बदलना है जो भविष्य में भारत के लिए बड़ा खतरा बनेगा। बांग्लादेश में कई कट्टरपंथी समूह भारत को विभाजित करने के उद्देश्य से सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। उनका उद्देश्य पूर्वोत्तर के राज्यों को भारत से अलग करना है। इन तत्वों को पाकिस्तान और चीन से भी समर्थन मिल रहा है। बैठक में हिंदू संगठनों ने कहा कि हम सब बांग्लादेश के पीड़ितों के साथ खड़े हैं। लोगों से हिंदुओं व अन्य अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों को रोकने का हर संभव प्रयास करने की अपील की गई। जिससे पीड़ित हिंदुओं तथा अन्य अल्पसंख्यकों के परिवारों, उनके व्यावसायिक, धार्मिक स्थलों की सुरक्षा हो एवं उनको संरक्षण प्राप्त हो सके। बैठक में चेयरमैन प्रतिनिधि रामजीलाल मोदनवाल, रामलीला कमेटी के अध्यक्ष मोहित पांडेय, कन्हैयालाल वर्मा, संतोष पांडेय, सोनू पुरवार, अशोक सिंघानिया, विश्वनाथ शाह, हरजीत सिंह सलूजा, संजय यज्ञसैनी, बृजेश शर्मा, अरुण वैश्य आदि मौजूद रहे।