मेडिकल कॉलेज के टीबी क्लीनिक में बिजली न होने से अंधेरे में काम करते डॉ. जेपी शुक्ला। - संवाद
गोंडा। करीब 20 घंटे तक मेडिकल कॉलेज की बिजली बाधित होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। टीबी क्लीनिक में बिजली न होने से मरीजों को दिक्कत हुई। वार्डों में पानी की समस्या भी रही। आवासीय परिसर में रहने वाले कर्मचारी व उनके परिजन भी बिजली गुल होने से परेशान रहे। मेडिकल कॉलेज व महिला अस्पताल में जनरेटर चलाकर ओपीडी व जांच का काम निपटाया गया।
मेडिकल कॉलेज के लिए स्वतंत्र फीडर है। इसी के सहारे महिला अस्पताल में भी बिजली आपूर्ति होती है, लेकिन सोमवार शाम करीब छह बजे अचानक बिजली बाधित हो गई। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे आपूर्ति बहाल हो सकी। टीबी क्लीनिक व सीएमओ कार्यालय में अंधेरे में काम निपटाया गया। मंगलवार सुबह टीबी क्लीनिक में डॉ. जेपी शुक्ल अपने कक्ष में बैठे थे। वहां अंधेरा छाया था। खिड़की के सहारे थोड़ी रोशनी जरूर मिली। उसी रोशनी के सहारे उन्होंने मरीजों की जांच करके दवाएं लिखीं। एक्सरे कक्ष भी पूरी तरह अंधेरे में डूबा रहा।
मेडिकल कॉलेज के आवासीय परिसर में जनरेटर की सुविधा न होने से दो दिन से चिकित्सक व कर्मचारी बिजली व पानी को तरस गए। अस्पताल के रेजिडेंट डॉ. रजनीश ने बताया कि दोपहर करीब दो बजे आपूर्ति दुरुस्त हो गई। उनके मुताबिक बिजली विभाग ने दो-तीन स्थानों पर फाल्ट बताया है।
एक्सरे मशीन खराब, मरीजों को परेशानी
मेडिकल कॉलेज के क्षेत्रीय निदान केंद्र में एक्सरे की दो मशीनें हैं। मंगलवार को एक एक्सरे मशीन अचानक बंद हो गई। जिससे जांच के लिए लोगों को परेशानी हुई। एक्सरे कक्ष के बाहर लोगों की भीड़ लगी रही। शिवकुमार ने बताया कि एक घंटा पहले आ गए हैं। बेेटे को प्लास्टर चढ़वाना है, लेकिन यहां एक ही मशीन चालू है। अस्पताल प्रशासन के रेजिडेंट डॉ. रजनीश ने बताया कि मशीन में खराबी आ गई थी। जिसे ठीक करा दिया गया है। अब कोई समस्या नहीं है।