गोंडा। जिले के परिषदीय स्कूलों में प्रधानाध्यापकों की कमी से कई तरह की दिक्कते हो रही हैं। प्रधानाध्यापक की कमी से स्कूलों की कई तरह की सूचनाओं के अपडेट नही हो पा रहे हैं। हाल यह है कि प्रधानाध्यापक का प्रभार सहायक अध्यापकों को ही सौंप रखा गया है। पदोन्नति न होने से तीन सौ स्कूलों में प्रधानाध्यापक ही नहीं है। विभाग की ओर से पदोन्नति की कार्रवाई नही की जा रही है। अधिकारियों की मानें तो शासन स्तर से आदेश जारी होने पर पदोन्नति होगी।
जिले में 3100 परिषदीय स्कूल में वैसे तो कई स्कूलों में प्रधानाध्यापक का प्रभार सहायक अध्यापकों के पास है। जिससे कार्य में दिक्कतें तो आ ही रही हैं। करीब एक हजार से अधिक शिक्षक छह साल की सेवा पूरी करके इंतजार कर रहे हैं। स्कूलों में प्रभारी प्रधानाध्यापकों के होने से पढ़ाई पर प्रभाव पड़ रहा है। तीन सौ स्कूलों में प्रधानाध्यापक की पदोन्नति न होने से दोहरा नुकसान हो रहा है। एक तो पढ़ाई प्रभावित है वहीं दूसरी तरफ शिक्षकों को मिलने वाला लाभ भी नही मिल पा रहा है। शासन में पदोन्नति की प्रक्रिया लंबित है, अभी तक आदेश नही हो रहा है।
प्रधानाध्यापक के जिम्मे होते हैं कई कार्य
परिषदीय स्कूलों में प्रधानाध्यापकों के जिम्मे कई तरह के काम हैं। 14 तरह के रजिस्टरों का रख रखाव करना होता है। आनलाइन फीडिंग के साथ ही हर महीने स्कूलों की सूचनाएं भेजना। एमडीएम की व्यवस्था देखना। इसके साथ ही स्कूलों की साफ- सफाई के साथ ही बच्चों को संसाधन उपलब्ध कराना। अब ऐसे में अगर प्रधानाध्यापक का प्रभार सहायक के पास रहेगा तो पढ़ाई पर सीधा असर होगा।
शिक्षकों के पदोन्नति की कार्रवाई शासन स्तर से आदेश मिलने पर की जाएगी। शासन स्तर पर प्रक्रिया चल रही है, आदेश मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। विनय मोहन वन, एडी बेसिक शिक्षा