गोंडा। बेसिक शिक्षा के अफसरों की अब परीक्षा होगी। शासन ने इसके लिए मानक तय कर दिए हैं। कसौटी पर खरे उतरने पर ही उत्कृष्ट का तमगा मिलेगा। 50 फीसदी से कम अंक हासिल करने वाले खराब अफसरों की श्रेणी में रखे जाएंगे। उनकी पदोन्नति तो फंसेगी ही, कई स्तर पर वह विभाग के निशाने पर रहेंगे। स्कूली शिक्षा की निगरानी के साथ ही शिक्षा अफसरों की जिम्मेदारी संसाधनों को मुहैय्या कराने की है। परीक्षा का जो पैमाना तय किया गया है, उसमें आपरेशन कायाकल्प पूरा कराने पर 20 अंक तय किए गए हैं। 100 अंक की परीक्षा में 50 अंक से अधिक बीएसए व बीईओ हासिल करना होगा। शासन ने निर्देश जारी कर दिए हैं। जिले में बीएसए के साथ ही 17 बीईओ को परीक्षा के दौर से गुजरना होगा।
बेसिक स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की परीक्षा 22 से शुरू हो रही है। वह परीक्षा देंगे ही, इसके साथ ही स्कूलों की निगरानी करने वाले अफसरों को इम्तिहान से दो चार होना पड़ेगा। शासन ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) व खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) के कामकाज का पैमाना तय कर दिया है। विभिन्न योजनाओं व अन्य कार्यों के आधार पर उन्हें अंक मिलेंगे। 50 फीसदी से कम अंक होने पर फेल माने जाएंगे, जबकि 80 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल होने पर उत्कृष्ट का तमगा भी मिलेगा। यह अंक उनकी पदोन्नति और अहम जगहों पर तैनाती पाने में देखे जाएंगे। परीक्षा की तैयारी में अधिकारियों ने माथापच्ची शुरू कर दी है। जिससे उनको सफलता हासिल हो सके। संवाद
सरकार के प्रयासों पर गंभीर हों अफसर
सरकार का बेसिक शिक्षा की दशा सुधारने पर विशेष जोर है। आपरेशन कायाकल्प चलाकर स्कूलों को संवारा गया है। शिक्षकों की नियुक्ति करने व छात्रों का नामांकन बढ़ाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। इसके लिए कई योजनाएं चला रही है। उनकी प्रगति जांचने के लिए शासन को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। इन्हें लागू करने का जिम्मा बेसिक शिक्षा अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारी पर ही है। कई बार आदेश जारी होने के बाद भी उनका पालन नहीं होता या फिर जैसे-तैसे उसे पूरा कर दिया जाता है। योजनाओं को प्रभावी तरीके से स्कूलों में लागू करने के लिए शासन ने कार्य दक्षता संकेतक तय किया था। अब इसमें बदलाव करके नए सिरे से लागू कराया जा रहा है। इन संकेतकों को गोपनीय आख्या से जोड़ा जा रहा है, ताकि अधिकारी इस पर गंभीर रहें।
बीएसए के 18 व बीईओ के 16 बिंदुओं पर मूल्यांकन
बीएसए व बीईओ के मूल्यांकन का बिंदु तय किया गया है। बीएसए के कार्य का मूल्यांकन 18 बिंदुओं पर होगा और बीईओ पर 16 बिंदु लागू किया है। जिसमें आपरेशन कायाकल्प 31 मार्च 2022 तक पूरा होने पर 20 अंक तय है। गुणवत्ता युक्त फर्नीचर उपलब्ध कराने प पांच अंक तय किए गए हैं। शिक्षकों का ऑनलाइन अवकाश स्वीकृति की कार्रवाई तय समय पर पूरा करने पर पांच अंक, निरीक्षण लक्ष्य की पूर्ति पर पांच अंक, दिव्यांग बच्चों को चिन्हीकरण पर पांच अंक, कस्तूरबा विद्यालयों के रिक्त पद भरने की कार्रवाई पूरी करने पर पांच अंक तय किया गया है। आधार पर मिले अंक से श्रेणी तय होगी।
अंकों के आधार पर तय होगी श्रेणी
उत्कृष्ट- 80 % से अधिक अंक
अति उत्तम- 71 से 80% अंक
उत्तम- 61 से 70% अंक
संतोषजनक- 50 से 60% अंक
खराब- 50% से कम
शासन ने शिक्षाधिकारियों को जवाबदेह बनाने और योजनाओं के संचालन में गंभीरता के लिए पहल की है। जिससे कार्यों में गुणवत्ता को बढ़ाया जा सके। विनय मोहन वन, सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक शिक्षा