गोंडा। जिले के आवास विकास निवासी डॉ. उत्कर्ष आनंद ने इंस्टीट्यूट ऑफ नेशनल इंपोर्टेंस सुपर स्पेशलिटी टेस्ट (आईएनआईएसएस) में ऑल इंडिया रैंक-वन हासिल कर गोंडा का नाम पूरे देश में रोशन किया है। इस परीक्षा के माध्यम से वास्कुलर सर्जरी में पूरे भारत में केवल एक ही सीट होती है, जिस पर चयन केवल प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले डॉक्टर का ही होता है।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) द्वारा आयोजित यह परीक्षा नीट-एसएस से भी अधिक कठिन मानी जाती है। डॉ. उत्कर्ष के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन से जिले में खुशी की लहर है। उनका चयन एम्स तिरुवनंतपुरम (केरल) में वास्कुलर सर्जरी सुपर स्पेशलिटी के लिए हुआ है। जिले के सर्जन डॉ. मनोज सिन्हा के इकलौते बेटे डॉ. उत्कर्ष इससे पहले भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। उन्होंने नीट-यूजी में ऑल इंडिया 10वीं रैंक और उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया था। उसी सफलता के दम पर उन्होंने देश के प्रतिष्ठित मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, दिल्ली से एमबीबीएस किया।
डॉ. उत्कर्ष बताते हैं कि सफलता के पीछे अनुशासित दिनचर्या और शारीरिक फिटनेस का बड़ा योगदान है। वे प्रतिदिन एक घंटा जिम या व्यायाम करते हैं। परीक्षा के एक दिन पहले भी एक्सरसाइज करना नहीं छोड़ते। रात नौ बजे तक सो जाना व सुबह के समय पढ़ाई करना उनकी आदत में शामिल है। परीक्षा से करीब दो महीने पहले उन्होंने सभी सोशल मीडिया एप्स को एक ही एप पर लॉक कर दिया था, ताकि ध्यान पूरी तरह पढ़ाई पर केंद्रित रहे। डॉ. उत्कर्ष का सपना भारत में टेक्नोलॉजी आधारित वास्कुलर सर्जरी को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है। उनका मानना है कि इस क्षेत्र में भारत में व्यापक संभावनाएं हैं और देश को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाया जा सकता है।