गोंडा। जिले के 52 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। मेले में इलाज के लिए आए 2159 मरीजों में से अधिकांश मौसम जनित बीमारियों से ग्रसित मिले। चिकित्सकों का कहना है कि बदलते मौसम में सतर्कता आवश्यक है। अभी पंखा चलाने से परहेज करें। साथ ही गर्म गुनगुना पानी पीएं।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिविल लाइन में दोपहर दो बजे तक 59 मरीज इलाज कराने पहुंचे थे। इसमें से अधिकांश मौसम जनित बीमारियों के थे। चिकित्सक डॉ. पीपी पांडेय का कहना है कि मौसम तेजी से बदल रहा है, इसलिए सुबह-शाम ठंड और दोपहर में गर्मी महसूस होती है। ऐसे में जो लोग दोपहर को बाहर से आते हैं, उन्हें घर आते ही पंखा चलाने की इच्छा महसूस होती है। यहीं बीमारी की सबसे बड़ी वजह है। इससे सर्दी-गर्मी हो जाती है, जिससे कुछ देर बाद बुखार महसूस होने लगता है। इसलिए जब भी बाहर से आए, गर्मी महसूस हो तो भी पंखा न चलाएं, बल्कि कुछ देर आराम से बैठें। साथ ही पौष्टिक आहार का सेवन करें।
वजीरगंज संवाद के अनुसार पीएचसी पिपरी में रविवार को कुल 43 मरीज देखे गए। जिनमें बुखार के आठ मरीज थे। पांच गर्भवती महिलाओं की जांच हुई। मौके पर चिकित्साधिकारी डाॅ. नेहा तिवारी, डाॅ. नीना खुराना,फार्मासिस्ट एस के सिंह,एलटी दुर्गेश चौहान, स्टाफ नर्स प्रियंका व वार्ड ब्वाय एच के तिवारी उपस्थित रहे। एचसी डुमरियाडीह में कुल 59 मरीजों को देखा गया। पांच गर्भवती महिलाओं की जांच की गई।
बालपुर संवाद के अनुसार बालपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मुख्य मंत्री जनआरोग्य मेले में दोपहर तक 20 मरीजों की जांच करके इलाज किया गया। चिकित्सक डॉ. मो. रेहान ने बताया कि इस समय अधिकतर मरीज सांस की बीमारी से पीड़ित आ रहे हैं। स्वास्थ्य पर्यवेक्षक राम उजागर ओझा, रिजवान अहमद, विकास, शालिनी शुक्ला, आर डी सिंह सहित अन्य मौजूद रहे।