गोंडा। मौसम बदलने के साथ लोग बीमारियों की गिरफ्त में आ रहे हैं। सबसे अधिक दमा, वायरल बुखार व डेंगू के मरीज उपचार कराने पहुंच रहे हैं। लेकिन इन मरीजों को मुफ्त दवा देने में स्वास्थ्य विभाग हांफने लगा है।
मरीजों की जरूरत वाली दवा अस्पताल से खत्म है। जिला अस्पताल के दवा काउंटर पर खड़े मरीजों को सरकारी दवाओं के नाम पर सिर्फ पैरासिटामॉल, सिट्रिजिन के साथ कुछ कैल्शियम के टैबलेट पकड़ाकर बाहर मेडिकल स्टोर का रास्ता दिखा दिया जाता है।
जिले में मौसम जनित बीमारियां बढ़ने के साथ डेंगू का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। जिला अस्पताल में भी डेंगू मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। यहां करीब एक हजार से 1200 मरीजों का उपचार होता है। लेकिन सरकारी दवाओं के नाम पर सिर्फ कुछ ही टेबलेट देकर बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है।
सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज का दावा खोखला साबित हो रहा है। मंगलवार को जिला अस्पताल में दवा इलाज कराने आए बड़गांव पुलिस चौकी के पास रहने वाले शिवम कुमार दूबे दवा काउंटर से कुछ दवाएं व एक पर्चा लिए निकले।
उन्होंने दिखाया तो उनके हाथ में पैरासिटामॉल के कुछ टैबलेट व कुछ कैल्शियम की गोली थी, तथा कई दवाओं को बाहर से लेने के लिए बताया गया था। पटेल नगर निवासी नवीना, विष्णुपुरी कालोनी निवासी वीर सिंह व प्रियांशु मिश्र को यही दो-चार सरकारी दवाएं मिली। पर्चे में लिखी अन्य दवाओं के लिए बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड से लेकर चिल्ड्रेन वार्ड तक कुत्तों का बसेरा रहता है। मरीजों के बेड के नीचे कुत्ते बैठे रहते हैं जो किसी भी समय मरीज या तीमारदार को काट सकते हैं। मेडिकल वार्ड में कुत्तों का झुंड दिखाई दिया।
वार्ड में मरीजों का कोई हाल पूछने वाला नहीं है। मरीज को किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर ड्यूटी रूम में बैठे कर्मचारी बात तक नहीं सुनते हैं। मेडिकल वार्ड में भर्ती एक बुजुर्ग ऑक्सीजन का मास्क सिर में लगाए बैठे थे, लेकिन उन्हें कोई पूछने वाला भी नहीं था।
जिले में डेंगू का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है। जिला अस्पताल से लेकर निजी अस्पतालों व झोला छाप डाक्टरों के यहां दर्जनों डेंगू के मरीजों का इलाज चल रहा है। अब तक जिले में 81 मरीजों में डेंगू के संक्रमण की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग मच्छरजनित रोगों से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चला रहा है। जिसके तहत आशा बहू, आंगनबाड़ी व एएनएम सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी लोगों के घरों पर दस्तक देकर रोगों से बचाव के तरीके बता रहे हैं।